मेट्रो कल्‍चर की सेक्‍स सक्रियता, सर्वाइकल कैंसर को न्‍यौता

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली केवल अपराधिक के मामले में ही महिलाओं के लिए असुरक्षित नहीं है, बल्कि जानलेवा कैंसर की रफ़्तार भी उन्हें यहां तेजी से जकड रही है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार, अन्य महानगरों की अपेक्षा दिल्ली में महिलाओं को होने वाले cervical cancer (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) के मामले अधिक सामने आए हैं। यहां की जीवनशैली में असुरक्षित सेक्स, कम उम्र में सेक्स, कई लोगों से सेक्स, अत्‍यधिक गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग और सिगरेट व शराब का सेवन ऐसे कारण हैं, जो सर्वाइकल कैंसर के लिए सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं।


नेशनल कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार, भारत में प्रति एक लाख में जहां 31 महिलाओं को सरवाइकल कैंसर की शिकार हैं, वहीं दिल्ली में यह आंकडा 16 है, जो अन्य महानगरों की अपेक्षा कहीं अधिक है। आंकडों के अनुसार दिल्ली में
cervical cancer से पीडि़त 2241 महिलाएं नेशनल कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत थीं, मुंबई में 1792 और अहमदाबाद में केवल 38 महिलाएं ही इसका शिकार थीं।

Sex की अधिक सक्रियता है ख़तरनाक
बीएल कपूर अस्पताल की गाइनेकोलॉजिस्ट व आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ॰ आंचल अग्रवाल के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में जहां यह महिलाओं द्वारा अपने जननांग की साफ़-सफाई नहीं करने, अधिक प्रसव और बार-बार गर्भधारण करने की वजह से सामने आता है, वहीं दिल्ली जैसे मेट्रो सिटी में यह साफ़-सफाई की अपेक्षा अत्‍यधिक सेक्स सक्रियता से जुडा है। कम उम्र में सेक्स संबंध और अधिक पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं में cervix cancer की संभावना 50 फीसदी देखी गई है। केवल 10 फीसदी मामलों में इसके आनुवांशिक होने का मामला सामने आता है।

गर्भनिरोधक गोली, अल्कोहल व सिगरेट पीना भी है ख़तरनाक
डॉ॰ आंचल अग्रवाल के अनुसार, हाल ही में एक अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ है कि दो प्रतिशत माममे में गर्भनिरोधक गोलियों के अधिक इस्तेमाल की वजह से भी सरवाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं। वहीं पांच फीसदी मामलों में अत्यिधक शराब व सिगरेट के सेवन की वजह से भी इसका संक्रमण सामने आया है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
धर्मशिला कैंसर अस्पताल के वरिष्ठ अंकोलॉजिस्ट डॉ॰ अंशुमान कुमार के मुताबिक सरवाइकल सेल्‍स्‍ा में असमान्य बदलाव से बीमारी के लखण प्रकट नहीं होते हैं। लेकिन सेल्‍स में परिवर्तन यदि कैंसर का रूप ले ले तो लक्षण स्पष्ट होने लगते हैं। जैसे- योनि से असमान्‍य रूप से खून आना या खून जैसा योनि स्राव। ऐसा यौन संबंध या डायफ्राम लगाने वक्त हो सकता है। इसी तरह पेल्विक में दर्द, यौन संबंध के दौरान दर्द आदि भी हो सकता है।


डॉ॰ अंशुमान के अनुसार,
cervix cancer के ये कुछ मूल लक्षण है, जिसका पता चलते ही महिलाओं को स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए। सरवाइकल कैंसर अधिकांशत: 40 से अधिक उम्र की महिलाओं में पाए जाते हैं जबकि 15 से कम उम्र की महिलाओं में इसके मामले बेहद कम देखे जाते हैं। हर साल 70 हज़ार से अधिक महिलाएं इस कैंसर की वजह से दम तोड देती हैं इसलिए जरूरी है कि वह नियमित पैपिस्मयर जांच कराएं। सरवाइकल कैंसर की वैक्सीन भी इसकी रोकथाम में उपयोगी है।

सर्वाइकल कैंसर से बचने के उपाय
* कम उम्र में sex से करें परहेज
* एक से अधिक साथी से यौन संबंध न बनाएं
* असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं, करें कंडोम का उपयोग
* बार-बार गर्भवती होने से बचें
* गर्भनिरोधक गोली का उपयोग पांच साल से अधिक न करें
* अल्कोहल व तंबाकू का उपयोग किसी भी रूप में न करें
* जननांग की साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखें