नई दिल्ली। लक्षित जीन थेरेपी, स्तन कैंसर के इलाज की एक ऐसी नई तकनीक है जो कैंसर कोशिकाओं को लक्ष्य बनाकर इलाज करती है। इसका असर बीमार कोशिकाओं पर अधिकतम होता है। एम्स के आंकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर पी के जुल्का का कहना है कि लक्षित उपचार काफी सार्थक साबित हो रहा है। इस इलाज में कैंसर कोशिकाओं के एक विशिष्ट समूह पर लक्ष्य कर विशेष दवा दी जाती है। सामान्य व स्वस्थ्य कोशिकाओं को इस दवा से कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। इसका कोई दुष्प्रभाव होता है।
डॉक्टर जुल्का के मुताबिक यह सामान्य तौर पर स्तन कैंसर का इलाज ऑपरेशन या कीमोथेरेपी या फिर रेडिएशन से किया जाता है। स्तन कैंसर के लिए लक्षित उपचार उन प्रोटीन्स पर केंद्रित होता है जो कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने व उनके अनियंत्रित तरीके से विभाजित होने की ओर संकेत करता है।
गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर श्याम अग्रवाल का कहना है कि लगभग एक चौथाई मामलों में हर दो जीन में बदलाव के कारण स्तन कैंसर होता है। महिलाओं की मौत की एक बड़ी वजह स्तन कैंसर है। अपने जीवनकाल में स्तन कैंसर होने की संभावना 9:1 है। एक अनुमान है कि देश में हर वर्ष स्तन कैंसर के एक लाख 15 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। इसका प्राथमिक कारण शादी में होने वाली देरी, कम बच्चों का जन्म, बच्चे को स्तनपान न कराना, हार्मोन स्तर में बढ़ोत्तरी है।
साभार: राहुल आनंद, दैनिक जागरण