नई दिल्ली। पुरुष और महिलाएं दोनों ही मोटापे के शिकार हैं और उन्हें कई कोशिशों के बावजूद बच्चा पैदा नहीं हो रहा है तो वे अपना वजन घटाकर देखें। मोटापे की वजह से उनमें नपुंसकता और बांझपन की समस्या हो सकती है। पहली बार में वजन में कमी करने से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।
* सामान्य वजन के लोगों की अपेक्षा मोटापे के शिकार लोगों में तीन गुना कम शुक्राणुओं (sperm) का निर्माण होता है। जर्नल फर्टिलिटी एंड स्टेरिलिटी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अत्यधिक वज़न के पुरुषों sperm की संख्या सामान्य पुरुष की अपेक्षा तीन गुना कम होती है।
* शरीर में फैट के बढ़ जाने से टेस्टोस्टोरोन हार्मोन स्तर में भी कमी आती है। साथ ही एस्ट्रोजेन स्तर बढ़ जाता है।
* obesity के शिकार पुरुष में शुक्राणुओं (sperm)के आकार में गड़बड़ी की संभावना 1.6 गुना अधिक रहती है।
* बीएमआई के बढ़ने के साथ ही लोगों में Erectile Dysfunction यानी वीर्य के शीघ्र पतन का ख़तरा बढ़ता जाता है।
* मोटापे का संबंध impotence के बढ़ते ख़तरे से है।
* obesity का संबंध मेटाबॉलिक सिंड्रोम और महिलाओं में पीसीओडी से है जिससे बच्चा जनने की समस्या पैदा होती है।
डॉ. के के अग्रवाल
लेखक पद्मश्री व डॉ; बी सी राय राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित और हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं