अलीगढ़। एड्स के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसकी जांच के प्रति सरकार बेहद उदासीन है। रेड लाइट एरिया में 58 यौनकर्मी में से तीन माह में सिर्फ तीन की ही जांच हो पाई। नौ वर्ष में hiv aids रोगी 3 से बढ़कर 111 हो गए, लेकिन व्यवस्था एक एनजीओ के सहारे है।
शहर के मदारगेट में इस समय 58 सेक्स वर्कर्स हैं। इनमें अधिकांश राजस्थान की हैं, जिनके आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है।
इसीलिए हर महीने नियमित रूप से sex worker की जांच होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग तीन महीने के अंतराल पर इनकी एचआइवी जांच को जरूरी करार देता है। दिसंबर में एक भी सेक्स वर्कर की जांच नहीं हुई है। अक्तूबर और नवंबर में भी मात्र तीन सेक्स वर्कर्स की ही hiv aids जांच की गई।
मदारगेट में सालभर से एनजीओ 'आदर्श सेवा समिति' काम कर रही है। महज तीन सेक्स वर्कर्स की जांच से यह पता नहीं चलाया जा सकता कि यहां कोई एचआईवी पीडि़त है या नहीं? एनजीओ ने हालांकि अन्य 22 जगहों पर जांच कराई लेकिन मदार गेट को लेकर उदासीनता ही दिखी।
एचआइवी प्रोग्राम के नोडल अधिकारी और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी सगरवाल कहते हैं कि सालभर पहले जिला अस्पताल की टीम सेक्स वर्कर्स की काउंसिलिंग और एचआईवी जांच करती थी। बाद में शासन ने यह जिम्मेदारी एनजीओ को दे दी। अब तक एनजीओ ने कोई जानकारी नहीं दी है। इस बारे में स्वास्थ्य निदेशालय को बता दिया गया है।
आदर्श सेवा समिति के संचालक सीताराम शर्मा कहते हैं, बाहर रहने के कारण मुझे अलीगढ़ की ज्यादा जानकारी नहीं है। जल्द ही एचआइवी जांच की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
साभार: मयंक त्यागी, अलीगढ़, दैनिक जागरण
अलीगढ़ में बढ़ता एड्स का जाल
वर्ष पीडि़त पुरुष महिला
2003 03 02 01
2004 17 09 08
2005 15 12 03
2006 14 10 04
2007 39 24 15
2008 47 32 15
2009 110 84 26
2010 83 48 35
2011 111 76 35 (सभी आंकड़े नवंबर तक, स्रोत- जिला अस्पताल)