पीयूष जैन, नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल से लेकर विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज तक को डिफाल्टर घोषित किया है। ये ऐसे माननीय वीवीआईपी लोग हैं, जिनके ऊपर पानी-बिजली का बिल बकाया है। डिफाल्टरों की सूची में पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन का नाम भी शामिल है, जिनके पत्र की वजह से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के छींटे उड़ रहे हैं। डिफाल्टरों की सूची में दो रुपए के बकाया राशि वालों से लेकर लाखों रुपए नहीं चुकाने वाले सांसदों व वीआईपी का नाम शामिल है।
मैंने सूचना अधिकार से एनडीएमसी से बिजली-पानी बकाएदारों की सूची मांगी, जिन्होंने बकाया नहीं चुकाया है और जिसे एनडीएमसी ने डिफाल्टर घोषित किया है। एनडीएमसी ने 759 डिफाल्टरों की सूची मुझे सौंपी। इस सूची के अनुसार, एनडीएमसी ने इन माननीयों पर 22 सितंबर 2011 तक कुल एक करोड़ पांच लाख 35 हजार 724 रुपए का बकाया दर्शाया है। इस सूची में वर्तमान सांसद, पूर्व सांसद व उनके सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाले व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। एनडीएमसी ने एक सांसद जर्नादन महादेव राव को बिजली पानी का बिल नहीं चुकाने पर केवल दो रुपए के लिए डिफाल्टर बनाया है। मेरी मांग है कि एनडीएमसी इस सूची को अपनी वेबसाइट पर जारी करे, जिसके लिए अधिकारी तैयार हो गए हैं।
सूची के अनुसार सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल पर 465 रुपए, जगदीश टाइटलर पर 72 हजार 549 और उनके सर्वेंट क्वार्टर पर 5045 रुपए, दयानिधि मारन पर करीब 1100 रुपए, केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश पर 200, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व उनके पति स्वराज कौशल को मिलाकर करीब 2250, नटवर सिंह पर 44, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी पर 55 हजार, सांसद रामगोपाल यादव पर 450 रुपए, रामकृष्ण हेगड़े पर 16 हजार, रवि शंकर नाइक पर करीब छह हजार, राज्यसभा सांसद शबाना आजमी पर 12 हजार, गुजरात में नरेंद्र मोद के खिलाफ ताल ठोंकने वाले शंकर सिंह वाघेला पर 52 हजार, कृषि मंत्री शरद पवार पर 23 हजार 500, भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर 4100, सिकंदर बख्त पर सात हजार, पूर्व राज्यसभा सदस्य सोमवाल पर 12 हजार, सुमित्रा महाजन पर 70 हजार, सुंदर लाल पटवा व सुरेश पचौरी पर करीब 10-10 हजार, स्वगीoय राजेश पायलट पर आठ लाख 10 हजार ‹पए बकाया हैं। इनके अतिरिक्त और भी कई हस्तियां हैं जो इस डिफाल्टर सूची में शामिल हैं।
मेरा मानना है कि इस सूची में कई पूर्व सांसद शामिल हैं। उनके बकाए का सारा पैसा उनकी पार्टी व परिजन से वसूला जाना चाहिए। एनडीएमसी अधिकारी यह स्वीकार करते हैं कि बड़े राजनीतिक कद के नेताओं को आज नोटिस जारी नहीं किया जा सका है। इससे नौकरी जाने का ख़तरा है। अब देखना यह है कि आरटीआई में सूचना मुहैया कराने वाली एनडीएमसी इन माननीयों से किस तरह अपने बकाए राशि की वसूली करती है?
नोट: पीयूष जैन एक वकील हैं और सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ता भी। उनसे उनके मोबाइल नंबर- 9810421559 पर संपर्क किया जा सकता है।