नए साल पर होने वाली रेव पार्टियों की हकीकत

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गोवा। नए साल के जश्‍न में गोवा क्रिसमस से पहले ही डूब चुका है। वहां जबकर रेव पार्टियां आयोजित की जा रही है। देर रात तक चलने वाली इन रेव पार्टियो में सेक्‍स, ड्रग्‍स, नशा, समलैंगिकता सबकुछ है। रेव पार्टी के आयोजकों ने पुलिस के छापों से बचने के लिए म्‍यूजिक के शोर को वाई-फाई सिस्‍टम के जरिए केवल भाग लेने वालों के कानों तक सीमित कर दिया है। रेव पार्टियों में बजने वाला तेज संगीत इयरफोन के माध्यम से डीजे सिस्टम से जुड़ा होता है। इससे शोर नहीं मचता और भाग लेने वालों के कानों तक ही सीमित रहता है।

रेव पार्टी से जुड़े लोग बताते हैं कि यहां एक अलग ही दुनिया होती है। यहां हजारों लोग नाचते हैं लेकिन संगीत का शोर नहीं होता। ये पार्टियां ध्वनि प्रदूषण कानून के तहत 10 बजे के बाद बंद कर दी जाती हैं, लेकिन ईयरफोन के जरिए सुबह तक चलती रहती है। नए साल के आने तक यहां जमकर मस्‍ती छलकती रहती है।

एक तो यहां बाहरी आदमी आ नहीं सकता और यदि आ भी गया तो यहां केवल गहरी शांति पसरी मिलेगी और उसमें लोग नाचते मिल जाएंगे। इन रेव पार्टियों का प्रचार इंटरनेट, पर्चो व मौखिक रूप से किया जाता है। इसमें भी बड़ी सावधानी से शामिल होने वालों का चयन किया जाता है। इसमें विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं, लेकिन उनकी भी गहरी छानबीन होती है।

गोवा में इस तरह की शांत रेव पार्टियों का चलन 2006 के करीब शुरू हुआ। उत्तरी गोवा के पालोलेम में स्थित नेप्चून प्वाइंट क्लब में हर शनिवार को इस तरह की शांत रेव पार्टियों का आयोजन किया जाता है। इस क्लब के मालिकों का कहना है कि यहां मादक पदार्थो के प्रयोग की अनुमति नहीं दी जाती।