प्यार और केयर सबको अच्छा लगता है लेकिन कई बार ये इतना हद तक बढ़ जाता है कि हमें परेशान करने लगता है । बहुत बार ऐसा होता है कि प्रेमी जोड़े के बीच पजेसिवनेस इतना अधिक बढ़ जाता है कि लड़कियां उससे परेशान हो जाती है। प्यार होते ही लड़के अपनी गर्लफ्रेंड का बहुत ज्यादा खयाल रखने लगते हैं। खाना-पीना, जाना-आना हर जगह लड़कियों के साथ रहते हैं। लड़कियों को कुछ हद तक ये अच्छा लगता है और पजेसिव होना कुछ हद तक सही भी है लेकिन हर चीज की अपनी सीमा होती है।
Passiveness जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है तो लड़कियों को लगने लगता है कि हमारी स्वतंत्रता ही ख़त्म हो गई है। आजकल की अधिकांश लड़कियों की ये शिकायत है कि उनके boyfriend बहुत ज्यादा पजेसिव है और उन्हें ये बात सही नहीं लगती है, इस वजह से उनका जीना मुहाल हो गया है। कई बार पजेसिवनेस ब्रेकअप का कारण भी बन जाता है ।
प्राइवेट फर्म में काम करने वाली रोहिणी कहती है कि अगर आपका पति आपके कामों में दखलअंदाजी करे और बहुत ज्यादा passive हो तो चलता है और ये सही भी है लेकिन आपका boyfriend पजेसिव होने के नाम पर आपकी निजी जिंदगी में दखलअंदाजी करे तो ये बात शायद ही किसी लड़की को पसंद आएगी।
रोहिणी का कहना है कि आजकल के लड़कों की आदत सी हो गई है अपनी girlfriend को कहने का तुम अकेली कैसे जाओगी? मेरे बिना shopping कैसे करोगी? मैं तुम्हें ऑफिस छोड़ देता हूं आदि। कहीं भी वो उसे अकेले छोड़ना ही नहीं चाहता है आखिर हमारी निजी जिंदगी भी तो है।
कुछ समय पहले ब्रेकअप कर चुकी तान्या कहती है कि मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने तो पजेसिवनेस की हद पार कर दी थी कहीं भी और कभी भी मुझे अकेला छोड़ना ही नहीं चाहता था उपर से ढेरों सवाल। अगर ऑफिस से आने में 10 मिनट भी लेट हो जाती थी तो सवालों की झड़ी लगा देता था । किसी से फोन पर भी चैन से बात नहीं करने देता था, इन सब बातों से मैं इतनी उब चुकी थी कि मेरे पास relationship break up के अलावा कोई और विकल्प ही नहीं बचा था।
तान्या का कहना है कि पजेसिव होना या न होना इस बात पर निर्भर नहीं करता है कि आप हर जगह साथ ही आए-जाएं। केयर करने के और भी बहुत सारे तरीके होते हैं और वैसे भी ब्वॉयफ्रेंड के बहुत ज्यादा पजेसिव होने पर लड़कियां ब्रेव और बोल्ड होने के बजाए छुई-मुई सी हो जाती है और उनमें आत्मविश्वास की कमी आ जाती है।
लड़कों के लिए सुझाव
अगर आप भी अपनी girlfriend के प्रति बहुत ज्यादा पजेसिव हैं तो इस आदत को दूर कीजिए नहीं तो हो सकता है कि आपकी गर्लफ्रेंड भी आपकी इस आदत से परेशान होकर आपका साथ छोड़ दे । आपके साथ break up की नौबत न आए इसके लिए आप हमेशा ध्यान रखे कि अपनी गर्लफ्रेंड को स्वतंत्र होकर रहने दे । उनका खयाल रखे लेकिन ये बात हमेशा ध्यान रहे कि वह बहुत ज्यादा बढ़ नहीं जाए । पजेसिव होना सही है लेकिन बहुत हद तक पजेसिवनेस ठीक नहीं है ।
ब्वॉयफ्रेंड रखें इन बातों का ध्यान
* आप कभी भी अपनी गर्लफ्रेंड पर अपनी मर्जी थोपने का कोशिश न करे
* अगर कहीं अकेले आना-जाना चाहती है तो उसे आराम से आने-जाने दे, उन पर रोक नहीं लगाए .
* अगर आपकी गर्लफ्रेंड किसी से बात कर रही है तो उन्हें कभी भी मना नहीं करे, दोस्ती अपनी जगह है और प्यार अपनी जगह। दोनों में से कोई किसी की जगह नहीं ले सकता है और जीवन में दोनों जरूरी है
* अपने निर्णय उन्हें खुद लेने दें । हर इंसान का अपना निजी और सार्वजनिक जीवन है और निजी जीवन में किसी का हस्तक्षेप किसी को भी अच्छा नहीं लगता है
* आप अपनी गर्लफ्रेंड के साथ उन्हीं जगहों पर जाए जहां बहुत जरूरी है या फिर वो जहां जाने के लिए कह रही हो
* बेवजह के सवाल-जवाब न करे
प्रसन्न कुमार