ऑर्गेज्‍म के बिना अधूरे संभोग के लिए अभिशप्‍त पत्नियां!

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पति-पत्नी के रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने में सेक्स की बड़ी भूमिका है। स्वस्थ्य यौन संबंध के अभाव में रिश्तों पर दरार, अवैध संबंध, तलाक और घर टूटने तक की घटनाएं सामने आने लगी है। पारंपरिक स्त्रियों के उलट आधुनिक स्त्री सेक्स को केवल बच्चे पैदा करने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके रोमांच में पुरुषों की भांति ही डूबना चाहती हैं। महिलाएं अब सेक्स में पहल करने लगी हैं। इस सबके बावजूद देश में केवल 26 फीसदी महिलाएं ही हैं, जिन्हें सेक्स मे आर्गेज्म या पूर्ण संतुष्टि की प्राप्ति हो पाती हैं।


कामकाज की भागदौड़, उससे उत्पन्न तनाव और व्यस्त जीवनशैली ने दंपत्तियों के बेडरूम से थ्रिल को गायब कर दिया है। कंडोम निर्माता कंपनी डयूरेक्स ने दुनिया भर में यौन संबंध को लेकर एक सर्वे किया। इस सर्वे में शामिल भारतीय दंपत्तियों से मिले जवाब से यह पता चला कि स्त्रियों ऑर्गेज्म हासिल करने में विफल हो रही हैं। कई बच्चों की मां बनने के बावजूद स्त्रियों को ऑर्गेज्म नामक पंक्षी के बारे में कुछ पता ही नहीं होता है।

सर्वे में शामिल भारतीय दंपत्तियों में से केवल 46 फीसदी ने माना कि उन्हें यौन संबंध के दौरान पूर्ण संतुष्टि मिलती है। इसमें शामिल 55 फीसदी पुरुषों को सेक्स में संतुष्टि का अहसास हुआ था जबकि महज 26 फीसदी महिलाओं ने माना कि उन्हें सेक्स से सुख की प्राप्ति हुई।

ऑर्गेज्म की राह में बाधा
दुनिया भर की तरह भारतीय दंपत्तियों की सेक्स लाइफ भी तनाव की भेंट चढ़ता जा रहा है। यही नहीं, तनाव और अवसाद स्त्री पुरुष के प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है। पुरुषों में नपुंसकता और महिलाओं में बांझपन की एक बड़ी वजह बढ़ते हुए तनाव को माना जा रहा है।


यौन रोग विशेषज्ञों के अनुसार, तनाव की वजह से बेडरूम में पुरुषों सही ढंग से सेक्स परफॉर्म नहीं कर पा रहे हैं। उनमें शीघ्र पतन (erectile dysfunction) की शिकायत आम है, जिससे न तो उन्हें सेक्स संतुष्टि मिलती है और ही उनकी पत्नी को।

तनाव से शीघ्र पतन का है गहरा संबंध
तनाव शीघ्र पतन के लिए सबसे अधिक उत्‍तरदायी है। इसकी वजह से शरीर में एड्रेनेलिन का स्राव बढ़ जाता है और नाइट्रिक ऑक्‍साइड का स्राव कम हो जाता है। इससे मसल शिथिल पड़ जाता है। इसलिए जब पुरुष तनाव में होते हैं तो पुरुष लिंग का उत्‍थान प्रभावित हो जाता है। लिंग तक खून का बहाव तेजी से नहीं हो पाता और पुरुष शीघ्र पतन का शिकार हो जाता है। तनाव के कारण केवल 46 फीसदी लोग ही सेक्‍स में पूर्ण रूप से संतुष्‍ट हो पाते हैं।

बेहतर सेक्‍स  लाइफ के लिए जिंदगी में थ्रिल जरूरी
वर्ष 2003 में भारतीय दंपत्तियों पर एक सर्वे हुआ। इस सर्वे में दंपत्तियों के बातचीत से यह निष्‍कर्ष निकला था कि एक भारतीय दंपत्ति औसतन एक साल में 138 बार संभोग करता है, लेकिन तेज भागती जिंदगी के साथ इसमें गिरावट आती जा रही है। 

सेक्‍स विशेषज्ञों के अनुसार, आज की दंपत्तियों का जीवन बेहद भागदौड़ भरा हो गया हैा ऑफिस का काम, परिवार, बच्‍चे की जिम्‍मेवारी आदि की वजह से  उनका सेक्‍स लाइफ प्रभावित होने लगा है। बेहतर यौन संबंध के लिए एक-दूसरे को बेडरूम से बाहर भी वक्‍त देना पड़ता हैा सुरक्षा भाव, विश्‍वास, रोमांस, प्‍यार और सम्‍मान बेडरूम के अंदर रिश्‍ते को रोमानी बना देता है। एक गुणवत्‍तापूर्ण सेक्‍स लाइफ लिए जिंदगी में थ्रिल का होना बेहद जरूरी है।

तनाव प्रबंधन से मिलेगा बेहतर यौन संबंध
बेहतर सेक्‍स लाइफ के लिए तनाव प्रबंधन बेहद जरूरी है। भागदौड़ भरी जीवनशैली में बदलाव, खानपान में परिवर्तन, नियमित व्‍यायाम, धूम्रपान और शराब से तौबा बेहद जरूरी है। तो इन्‍हें अपनाइए और अपने सेक्‍स लाइफ को मस्‍त बनाइए।