भारत की तीसरी सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर कंपनी आइडिया सेल्युलर ने अपने 'नो आइडिया-गेट आइडिया' और 'ब्रेक द लैंग्वेज बैरियर' ब्रांड प्रचार के लिए प्रतिद्गिठत ऐफीज गोल्ड व सिल्वर २०११ पुरस्कार जीते।
ऐफीज़ पुरस्कार उन कार्यों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने उपभोक्ताओं के बीच अपना गहरा प्रभाव कायम किया हो। आइडिया ने सबसे पहले देश भर के उपभोक्ताओं को 'नो आइडिया गैट आइडिया' के जरिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के बारे में जागरुक किया और 'ब्रेक द लैंग्वेज बैरियर' प्रचार अभियान में दिखाया गया कि हमारे देश के बहुभाषी समाज में कैसे टेलीफोनी सेवाओं के इस्तेमाल से हम भाषा की बाधाओं से पार पा सकते हैं।
इस जीत के बारे में आइडिया सेल्युलर के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर श्री सच्चि द्रांकर ने कहा, ''ऐफीज़ जीत कर हम बहुत खुश हैं। खासकर इसलिए की अपने विज्ञापनों के जरिए हम उपभोक्ताओं के साथ प्रभावी रिश्ता कायम कर सके और हमारे प्रचार कारगर साबित हुए। आइडिया भारत के सबसे पसंदीदा ब्रांडों में से एक बनकर उभरा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले हमारे ब्रांड ने उत्कृष्ट संप्रेषण द्वारा उपभोक्ताओं के साथ वह मजबूत संबंध स्थापित किया जिसकी इस उद्योग में बहुत जरूरत महसूस की जा रही थी।''
इन दोनों प्रचार अभियानों ने पिछले महीने लंदन में आयोजित वर्ल्ड कम्यूनिकेच्चन अवॉर्डस् २०११ में 'बैस्ट ब्रांड कैम्पेन ऑफ द ईयर' पुरस्कार भी प्राप्त किया है। इस समारोह में यह सम्मान पाने वाली आइडिया एकमात्र भारतीय कंपनी है।