कुमार गजेंद्र, नई दिल्ली। महिलाओं की सुरक्षा के मामलों में पुलिस पूरी तरह से फेल दिखाई देती है। पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों में कोई कमी नही आ रही है। दूसरे तो दूसरे अब अपनों से भी महिलाओं को ज्यादा ख़तरा दिखाई देता है। महिलाओं के लिए लड़ाई लड़ने वाले एक सामाजिक संगठन की रिपोर्ट की मानें तो देश में हर घंटे करीब 18 महिलाएं किसी न किसी तरह के यौन अपराधों की शिकार होती हैं।
शोध में सच आया सामने
महिलाओं के लिए काम करने वाली सेंटर फॉर सोशल रिसर्च नामक एक सामाजिक संस्था ने हाल ही में महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों पर एक अध्ययन कराया है। इसी साल जुलाई और अगस्त दो माह के बीच यह अध्ययन हुआ है। इसका आधार क्षेत्र दिल्ली का दक्षिण-पश्चिम जिला रहा है। जिनमें दिल्ली कैंट, इंदरपुरी, नारायणा, सेक्टर-23 द्वारका, द्वारका नार्थ, कापसहेड़ा, द्वारका साउथ, डाबरी, बिंदापुर, पालम गांव, सागरपुर, नजफगढ़, जाफरपुर कलां, छावला और बाबा हरिदास नगर के थानों को शामिल किया गया। इस अध्ययन के नतीजे चौंकाने वाले हैं।
शून्य वर्ष की उम्र से लेकर कॉलेज जाने वाली तक यौन अपराध की शिकार
संस्था की निदेशक और जानमानी सामाजिक कार्यकर्ता डाक्टर रंजना कुमारी के मुताबिक पूरे देश में हर घंटे 18 महिलाओं के साथ यौन अपराध होने के मामले सामने आ रहे हैं। 0 से 10 साल तक की लड़कियों के साथ यौन अपराध के 13 मामले सामने आए हैं। यौन अपराध के 18 मामले स्कूल और कालेज की लड़कियों के साथ सामने आए हैं।
अपने ज्यादा करते हैं यौन शोषण
यौन अपराध में शामिल रहे आरोपियों की उम्र 18 से 50 साल के बीच थी। 22 मामलों में अभियुक्त पीड़िता के पड़ोसी थे। 5 मामलों में रिश्तेदार थे। 10 मामलों में अभियुक्त पीड़िता के दोस्त निकले। कई मामलों में पिता, पति, भाई शिक्षक, प्रेमी निकले।
घर से बाहर तक महिलाएं असुरक्षित
दक्षिणी जिले में बलात्कार के 21 मामलों की रिपोर्ट दर्ज़ की गई। इनमें 9 मामले पीड़िता के घर में, 3 कार के अंदर, बाकी अन्य स्थानों पर हुए। 58 मामलों में से 27 में पीड़िता ने घटना वाले दिन ही पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराई। 18 ने एक दिन के बाद और 12 मामलों में पीड़िता कई दिनों के बाद पुलिस तक पहुंची। 58 में से 35 मामलों में खुद पीड़िता ने शिकायत दर्ज़ कराई है। 20 मामलों में पीड़िता के अभिभावकों की ओर से शिकायत दर्ज़ कराई गई है।
निष्कर्ष
सामाजिक संस्था की इस रिपोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है। हाल ही में फिक्की के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि महिलाओं को देर रात घर से निकलने में एहतियात बरतनी चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में रहने वाली लड़कियों और महिलाओं के साथ दिन के उजाले में भी बड़ी संख्या में यौन अपराध के मामले सामने आए हैं। सुबह 6 से 12 के दौरान 7 मामले हुए। 17 मामले दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच, जबकि 14 के साथ 6 बजे से रात 12 बजे के बीच मामले हुए हैं। इस रिसर्च ने सभ्य और सुरक्षा के बीच रहने वाले समाज और सरकार की पोल खोल कर रख दी है।
लेखक कुमार गजेंद्र दिल्ली में अपराध संवाददाता हैं