सिल्क स्मिता से प्रेरित फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ का गाना ‘तू है मेरी फैंटेसी’ इन दिनों धूम मचा रहा है। 80 और 90 के दशक में सिल्क स्मिता सचमुच में करोड़ों लोगों की फैंटेसी थी। उसकी बी-ग्रेड फिल्मों को देखने के लिए दर्शक टूट पड़ते थे और सिल्क की मादक अदाओं ने उनकी नींद उड़ा रखी थी।
सिल्क की गदराई काया, रसीले होंठ और आमंत्रण देती आंखों से लोग सिल्क के दीवाने हो गए। बी-ग्रेड फिल्मों के जरिये ऐसी लोकप्रियता हासिल करना या स्टार बनना निश्चित रूप से चौंकाने वाली बात थी। इस दक्षिण भारतीय अभिनेत्री ने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं की फिल्में की। उनके स्टारडम का ये हाल था कि कुछ अनबिकी फिल्मों में सिल्क स्मिता पर फिल्माए गए गाने जोड़े दिए गए और इन फिल्मों को वितरक के साथ-साथ दर्शक भी मिल गए।
गरीबी और शादी
2 दिसंबर को ‘डर्टी पिक्चर’ रिलीज हो रही है क्योंकि इसी दिन सिल्क का जन्मदिन है। आंध्र प्रदेश के एक गरीब परिवार में 1960 को उनका जन्म हुआ। विजयालक्ष्मी उनका नाम रखा गया, लेकिन उनके परिवार से लक्ष्मी रूठी हुई थी। आर्थिक कठिनाइयों के चलते चौथी कक्षा के बाद विजयालक्ष्मी का स्कूल जाना बंद करा दिया गया।
सांवले रंग की विजयालक्ष्मी दिखने में बेहद आकर्षक थी। खासतौर पर उनकी बड़ी-बड़ी आंखें बेहद नशीली थी। विजयालक्ष्मी की शादी कर दी गई। गरीबी में पली विजयालक्ष्मी की जिंदगी इसके बाद और दूभर हो गई जब उनके पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया।
विजयालक्ष्मी घर नहीं जा सकती थी क्योंकि इससे उनके परिवार की बदनाम होती, लिहाजा वे मद्रास अपनी आंटी के पास आ गई। जीवन-यापन के लिए सिल्क एक एक्टर की मेकअप गर्ल बन गई। उनके आकर्षक व्यक्तित्व के कारण फिल्मों में उन्हें छोटे-मोटे रोल मिलने लगे।
लाइफ ने लिया यू टर्न
वीनू चक्रवर्ती और उनकी पत्नी विजयालक्ष्मी के जीवन में फरिश्ते बन कर आए। वीनू को विजयालक्ष्मी में संभावनाएं नजर आईं और दोनों पति-पत्नी ने विजयालक्ष्मी के व्यक्तित्व को निखारा। लोगों से बातचीत का सलीका, डांस और अंग्रेजी भाषा सिखाई। विजयालक्ष्मी का नाम बदलकर उन्होंने स्मिता रख दिया।
1979 में मलयालम फिल्म इनाए थेडी में स्मिता को बड़ा रोल मिला और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसकी सेक्स अपील को भुनाने के लिए फिल्मों में कैबरे डांस रखे गए और स्मिता को नकारात्मक रोल मिले। तमिल फिल्म वंडी चक्रम सुपरहिट साबित हुई इसमें उन्होंने सिल्क नामक किरदार निभाया था। बाद में उन्होंने यही अपना नाम रख लिया और उन्हें सिल्क या सिल्क स्मिता कहकर पुकारा जाने लगा।
सिल्क की सनसनी
बी-ग्रेड फिल्म बनाने वाले निर्माताओं की सिल्क के घर के आगे लाइन लग गई। सिल्क को ध्यान में रखकर रोल लिखे जाने लगे जिनमें ज्यादातर सेक्सी रोल हुआ करते थे। सिल्क बेहद बोल्ड और बिंदास लड़की थी। उस दौर में ऐसी लड़कियों को अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता था।
जो लोग दिन के उजाले में सिल्क की बुराई करते थे, रात के अंधेरे में जाकर वे खुद सिल्क की फिल्में देखा करते थे। सिल्क की फिल्मों को डर्टी पिक्चर कहा जाता था। उन्हें सॉफ्ट पोर्न एक्ट्रेस तक कहा गया, लेकिन सिल्क ने किसी की परवाह नहीं की। बी-ग्रेड की फिल्मों का स्टार होने का यह अपने आपमें अनोखा उदाहरण है।
सिल्क ने कुछ ऐसे भी रोल किए, जिनमें ग्लैमर या बोल्डनेस नहीं थी, लेकिन दर्शकों ने इन फिल्मों को नकार दिया और सिल्क एक खास इमेज में बंध गई। उनकी फिल्मों को डब कर कई भाषाओं में रिलीज किया गया।
हिंदी फिल्म दर्शक उन्हें ‘सदमा’ के लिए याद करते हैं। इस फिल्म में कमल हासन और श्रीदेवी जैसे कलाकारों की उपस्थित के बावजूद सिल्क ने अपनी छाप छोड़ी। सिल्क की कई फिल्मों को हिंदी में डब कर रिलीज किया गया जिसमें से रेशमा की जवानी सुपरहिट साबित हुई।
संकट में सिल्क
सिल्क ने इस कदर सफलता की उम्मीद नहीं की थी। गरीबी में पली-बढ़ी सिल्क ने कभी ऐसी जिंदगी नहीं देखी थी। दौलत और शोहरत उनके कदमों में थी। पैसा और प्रसिद्धी अपने साथ बुराई भी ले आते हैं।
सिल्क का नाम भुनाने के लिए उनके चारों ओर भीड़ जमा हो गई। कौन अच्छा है, कौन बुरा, इसकी पहचान सिल्क नहीं कर पाई। लोगों ने उनका जमकर शोषण किया। सिल्क को सच्चे प्यार की तलाश थी, जो उन्हें नहीं मिल पाया। इस चक्कर में वे शराब में डूब गईं। आर्थिक संकटों में घिर गईं। उन्हें सही राह नजर नहीं आ रही थी।
23 सितम्बर 1996 को एक ऐसी खबर आई कि सिल्क के प्रशंसक हिल गए। स्थित अपार्टमेंट में वे मृत पाई गईं। परिस्थितियां रहस्यमय थीं। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि सिल्क ने आत्महत्या कर ली। किसी को अंदाजा नहीं था कि परदे पर अपनी मादक अदाओं से सभी का मनोरंजन करने वाली सिल्क अंदर से इतनी उदास थीं। मात्र 36 वर्ष की आयु में सिल्क ने जिंदगी के कई रूप देख लिए थे।
साभार: वेबदुनिया