बालों की हर समस्‍या का समाधान है यहां

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बालों को असमय पकना, झरना, डैंड्रफ जैसी कई समस्‍याओं से जूझना पड़ता है। अनियमित खानपान, तनाव, भागदौड़ वाली जीवनशैली, अति व्‍यस्‍तता और शहरी जीवन ने हमारे बालों को डल कर दिया है। इन्‍हें चमकदार, मजबूत और खुबसूरत बनाने के लिए हमारे पास वक्‍त नहीं होता, लेकिन यदि थोड़ा वक्‍त निकाला जाए तो हमारे बाल आकर्षक दिख सकते हैं। आखिर बाल ही तो व्‍यक्ति को चार चांद लगाते हैं। इसलिए बालों की सही देखरेख हमारे पूरे व्‍यक्तित्‍व को प्रभावित करता हैा आइए जाने बालों की समस्‍या और उससे निजात पाने के उपाय:

डैंड्रफ या रुसी
डैंड्रफ होने पर सिर की चमड़ी से छोटे-छोटे टुकड़े निकलकर बालों में जमा होने लगते हैं। डैंड्रफ कई कारणों से हो सकता है, जैसे गंदगी जमा होने के कारण, तैलीय गंथियों के अधिक सक्रिय होने पर, संक्रमण या एलर्जी के कारण। बालों को समय-समय पर शैंपू न करने से डैंड्रफ हो सकता है। इससे बालों में गंदगी जमा होने लगती है और संक्रमण पनपने लगता है। यह संक्रमण तेल से पोषण लेकर सिर की त्वचा पर फैलने लगता है, जिसका नतीजा होता है डैंड्रफ। हर दिन शैंपू करने या बहुत सारे उत्पादों का उपयोग करने से भी यह समस्या हो सकती है।

 
डैंड्रफ से बचाव के उपाय
डैंड्रफ दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के एंटी डैंड्रफ शैंपू उपलब्ध हैं। जिंक पायरिथियोन युक्त शैंपू में फंगस और बैक्टीरिया का संक्रमण मिटाने में सहायक होता है। तार युक्त शैंपू डर्माटाइटिस की वजह से हुए डैंड्रफ को दूर करते हैं।

कुछ शैंपू में सेलिसिलिक एसिड होता है, ये रुसी को साफ़ तो करते हैं लेकिन इनसे सिर की त्वचा बहुत रुखी हो जाती है। ऐसे में डैंड्रफ और बढ़ सकता है। सेलिनियम सल्फाइड एंटीडैंड्रफ डैंड्रफ मिटाते हैं मगर इससे रंग या डाय किए गए बालों का रंग उतर सकता है। अत: इन्हें वापरते समय सावधानीपूर्वक निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।

कीटाकोनाज़ोल शैंपू फंगस संक्रमण पर काफी असरकारी होते हैं। डैंड्रफ दूर करने के लिए हर दूसरे दिन किसी एक प्रकार के एंटीडैंड्रफ शैंपू का उपयोग करें। डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो तो रोज़ शैंपू करें। हफ़्तेभर में रुसी कम हो जाएगी। इसके बाद हफ़्ते में दो से तीन दिन शैंपू करें। यदि शैंपू एक बार काम करने के बाद दूसरी बाद असर नहीं कर रहा हो तो एक बार उसका उपयोग करके अगली बार दूसरे प्रकार के एंटीडैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करें। दोनों प्रकार के शैंपू का बारी-बारी से उपयोग करें।

बाल का टूटना या झड़ना
बाल कई कारण से झड़ सकते हैं, समस्या थोड़े समय के लिए या स्थाई भी हो सकती है। बीमारी, कमज़ोरी, मानसिक तनाव, थकान, असंतुलित आहार, पोषक तत्वों की कमी, संक्रमण, हारमोन का असंतुलन आदि कारणों से बाल झड़ने लगते हैं। अस्थाई रूप से हो तो समस्या का उपाय आसानी से किया जा सकता है। सबसे पहले बालों के झड़ने का कारण पता किया जाता है। अधिकतर मामलों में निदान व सही उपचार से समस्या से छुटकारा मिल जाता है। गभाoवस्था के दौरान विभिन्न हारमोन का स्तर बढ़ता-घटता रहता है, जिससे बाल झड़ सकते हैं।


बालों को झड़ने से रोकने के उपाय
बाल झड़ने की समस्या के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन द्वारा स्वीकृत उपचार हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दवाएं और उपचार किए जाते हैं। चिकित्सक बाल झड़ने के कारण व अन्य बातों पर व्यक्ति विशेष के उनुसार सही उपचार निर्धारित करते हैं। इसके अलावा रोज़ाना जिंक , विटामिन-बी, फोलेट, आयरन व कैल्शियम युक्त मल्टीविटामिन गोली से फायदा हो सकता है। यदि शरीर में किसी विटामिन या खनिज की कमी हो तो आहार में उसकी पूर्ति की जानी चाहिए। हेयर विटामिन कहे जाने वाले बायोटिन से बाल बढ़ते हैं। इसके साथ ही बालों की सफाई का ध्यान रखें और सौम्य शैंपू का इस्तेमाल करें।

फ्रि़ज्ज़ी हेयर
बारिश के मौसम में नमी बढ़ जाती है, जिससे बाल  फ्रि़ज्ज़ी या असामान्य रूप से घुंघराले-क़ड़क से  हो जाते हैं। अधिक नमी में रहने के अलावा शरीर में विटामिन-बी कॉंप्लेक्स की कमी, अल्कोहल युक्त स्टाइलिंग उत्पादों का इस्तेमाल और हर दिन शैंपू करना, ब्लो ड्रायर के इस्तेमाल से भी बाल फ्रि़ज्ज़ी हो जाते हैं। यह समस्या हर तरह के बालों में हो सकती है, जिससे बालों को संभालना झंझट भरा हो जाता है।

उपाय 
फ्रि़ज्ज़ी बालों को फिर से मुलायम बनाने के लिए घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। पके हुए एवाकाडो को मैश करके एक अंडे की ज़र्दी के साथ मिलाकर बालों में लगाएं, एक घंटे बाद शैंपू कर लें। बाल धोने के पहले सिर की त्वचा और बालों में ओलिव ऑइल से मालिश करें।
बालों में मॉइश्चर एनरिचड शैंपू लगाएं, पांच मिनट बाद पानी से धो लें। अब हेयर मास्क लगाकर बालों को क्लिंग फिल्‍म या शॉवर कैप से 10 मिनट तक बांधकर रखें। फिर इसे पानी से अच्छी तरह धो लें और बालों को सूखने तक खुला रखें।

असमय बालों का सफेद होना
हेयर फोलिकल में मौजूद मिलेनिन नामक पिगमेंट से बालों को रंग मिलता है। मिलेनिन की कमी होने पर बाल सफेद होने लगते हैं। आनुवांशिक कारणों के अलावा तनाव, चिंता, पोषक तत्वों की कमी जैसे कारणों से बाल असमय ही पकने लगते हैं। गर्म पानी से बाल धोना, इलेक्ट्रिक हेयर ड्रायर का उपयोग व बालों की साफ़-सफाई का ध्यान न रखने के कारण भी बाल समय से पहले पकने लगते हैं। विटामिन-बी, कॉपर, आयरन व आयोडीन आदि की कमी भी इसके कारण हो सकते हैं।

उपाय : बाल असमय सफेद न हों, इसके लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए विटामिन-बी समूह के तीन विटामिन लाभदायक माने जाते हैं, इसलिए विटामिन बी से भरपूर आहार जैसे साबुत अनाज, फलियां, खमीरीकृत खाद्य पदार्थ लें।

साभार: नईदुनिया सेहत