महिला कंडोम: संभोग की अनुभूति के साथ अनचाहे गर्भ व यौन रोग से बचाव

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संभोग में कंडोम का उपयोग न केवल अनचाहे गर्भ से मुक्ति देता है, बल्कि एचआईवी/एड्स और अन्‍य यौन संचरित रोगों से भी बचाता है। वैसे तो बाजार में महिला कंडोम भी आ चुका है, लेकिन अभी भी इसका प्रचलन बहुत अधिक नहीं बढ़ा है, जबकि Female Condom संभोग के आठ घंटे पहले लगाया जा सकता है, जिससे यौन क्रिया के सुख पर न कोई असर पड़ता है और न ही पुरुष साथी के मनमानेपन पर चुपचाप अनचाहे गर्भ का भर उठाने का खतरा रहता है।


और तो और पुरुष कंडोम के उपयोग में दंपत्तियों को संभोग में जो मजा नहीं आने की शिकायत होती है, वह इसमें दूर हो जाती है। महिला कंडोम का पौलियूथरेन बेहद पतला होता है और ऊष्मता को सह जाता है इसलिए यौन सुख की अनुभूति बनी रहती है।

महिला कंडोम की विशेषता
Female Condom 17 सेमी. या 6.5 इंच लम्बी पोलीयूथरेन की थैली होतीहै। सम्भोग से आठ घंटे पहले इसे पहना जा सकता है। इसकी खासियत यह है कि यह संपूर्ण योनि को ढक देती है, जिससे पुरुष वीर्य योनि में प्रवेश नहीं कर पाता। इससे गर्भ धारण के साथ यौन संक्रामक रोगों का संचार नहीं हो पाता है।


महिला कंडोम के दोनों किनारों पर लचीला रिंग होता है। थैली के बंद किनारे की ओर से लचीले रिंग को योनि के अन्दर घुसाया जाता है, जिससे कंडोम अपनी जगह पर फिट हो जाता है। थैली की दूसरी ओर खुले किनारे का रिंग बल्वा के बाहर योनि द्वार पर रहता है। संभोग क्रिया के दौरान पुरुष जब अपना लिंग स्‍त्री योनि के अंदर डालता है तो वह रिंग एक मार्गदर्शक का काम करता है और थैली को योनि में ऊपर नीचे उछलने या सरकने से रोकता है। कंडोम में पहले से ही सिलिकोन आधारित चिकनाई लगी रहती है।

महिला कंडोम का लाभ
महिला कंडोम का पहला लाभ तो यही है कि यह यौन क्रिया को एक नयापन प्रदान करता है। दूसरा लाभ यह है कि यदि पुरुष 'मजा नहीं आता' जैसे कारण को बताकर कंडोम पहनने से इनकार कर देता है तो महिला इसका उपयोग कर सकती है। इससे अनचाहा गर्भ ठहरने व यौन रोगों से बचाव सबसे बड़ा लाभ है। यदि इसका उपयोग‍नियमित किया जाए तो 98 फीसदी तक यह अनचाहे गर्भ को ठहरने से रोकने में कारगर है।


महिला कंडोम पौलियूरथेन से बना होता है जबकि पुरूष कंडोम लेटैक्स से बनता है। पुरुष कंडोम के उपयोग से महिला की योनि में एलर्जी की सम्भावना रहती है, लेकिन महिला कंडोम के उपयोग में यह संभावना पूरी तरह से समाप्‍त हो जाती है।

कैसे लगाएं महिला कंडोम
पुरुष कंडोम को लगाने के लिए पुरुष लिंग का उत्‍थान या खड़ा होना जरूरी है, लेकिन महिला कंडोम में ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है।  महिलाएं पालथी मार कर बैठने के क्रम में, एक टांग ऊपर उठाकर, लेट कर या फिर पुरुष साथी की मदद से इसे अपनी योनि के अंदर आसानी से डाल सकती है।

इसके लिए करना बस इतना है कि कंडोम के बंद मुंह वाले वाले रिंग को अंगूठे व मध्‍यमा अंगुली की मदद से अन्दर दबाएं ताकि वह लंम्बा और तंग हो जाए। इसके बाद उस आन्तरिक रिंग और थैली को यानि द्वार से अंदर डाल लें। इसके बाद तर्जनी अंगुली को कंडोम के अंदर डालें और उसमें दबाते चले जाएं। इससे जहां तक रिंग जाएगा वहां तक कंडोम फिट हो जाएगा।

अंगुली डालकर यह सुनिश्चत कर लें कि कंडोम सीधा लगा है या फिर योनि में जाकर मुड तो नहीं गया है। बाहरी रिंग योनि से बाहर रहना चाहिए। पुरुष संभोग के क्षण में लिंग को डालते समय उसे कंडोम के अन्दर डालें। इसका ध्‍यान अवश्‍य रखें कि लिंग कंडोम से बाहर योनि में न चला जाए। यौनकर्मी कैसे कर रही हैं महिला कंडोम का उपयोग, पढ़ें


संभोग के समय आवाज निकले तो लगाएं वैसलिन या बेली ऑयल
महिला कंडोम सही लगा या नहीं, इसकी पहचान यह है कि संभोग के क्षण में कंडोम का शोर सुनाई न दे। यदि कंडोम का शोर सुनाई दे रहा है तो इसमें वेसलीन जैसी थोड़ी चिकनाई लगानी पड़ सकती है। वैसे इसमें पहले से ही चिकनाई होती हैा महिला कंडोम में सिलिकोन आधारित स्परमिसिडिल रहित चिकनाई होती है। इससे कंडोम को लगाने में आसानी होती है और संभोग की गतिविध में सुविधा रहती है। पहले हो सकता है कि चिकनाई से कंडोम फिसले।

यदि बाहरी रिंग कंडोम के अन्दर चला जाये या योनि से बाहर आ जाए तो और अधिक चिकनाई की जरूरत पड़ती है। महिला कंडोम योनि के अंदर जल आधारित केवाई जैली और तेल आधारित वैसलीन या बेबी ऑयल दोनों प्रकार की चिकनाई का उपयोग कर लगाये जा सकते हैं।

थोड़ी सावधानी
यदि सम्भोग के समय कंडोम फट जाए या लिंग योनि में चला जाए तो एकदम रूकें और कंडोम को बाहर निकालें। नया कंडोम लगाएं और थैली के द्वार पर और पुरुष लिंग पर अतिरिक्त चिकनाई लगायें। संभोग की प्रक्रिया पूरी होने पर कंडोम को निकालने के लिए बाहरी रिंग को हल्के से घुमायें और कंडोम को इस तरह बाहर निकालें कि वीर्य उसी में रहे। कंडोम को टिशु या पैकेट में लपेट कर फैकें। उसे टॉयलट में मत डालें। हां ध्‍यान रखें, महिला कंडोम का दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता है।


एक बड़ी सावधानी यह बरतें कि एक एक समय में महिला व पुरुष दोनो प्रकार के कंडोम का उपयोग नहीं करना चाहिए। साथ-साथ उपयोग करने से रगड़ लगने पर कोई एक या दोनों ही फिसल सकते हैं या फट सकते हैं या बाहरी रिंग को हिलाकर योनि में डाल सकते हैं।