लंदन। पाकिस्तान और बांग्लादेश में हुए दो नए अध्ययनों के अनुसार बच्चों के जन्म के समय और उसके बाद गर्भनाल की सफाई से गरीब देशों में संक्रमण और नवजात बच्चों की मौत के मामलों में कमी आ सकती है।
स्वास्थ्य पत्रिका लांसेट में प्रकाशित अध्ययन के नतीजों के अनुसार बच्चे के जन्म के समय और उसके बाद गर्भनाल की सफाई से न केवल संक्रमण 'ओंफेलाइटिस' का खतरा कम होता है बल्कि नवजात बच्चों की मृत्युदर में भी कमी आती है।
कराची के आगा खां विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जुल्फिकार ए भुट्टा के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं ने पहले अध्ययन में क्लोरहेक्सिडाइन :सीएचएक्स: घोल से गर्भनाल की सफाई का प्रभाव पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ग्रामीण इलाकों में बच्चों को ओंफेलाइटिस के संक्रमण और नवजात मृत्युदर पर देखा।
पूरे प्रांत में 9,700 से अधिक नवजात बच्चों की गर्भनाल की सफाई जन्म के समय चार प्रतिशत सीएचएक्स घोल से की गई और बाद में घर पर क्ब् दिन तक सफाई की गई।
कुछ मामलों में घोल से सफाई की गई वहीं कुछ में केवल हाथ से सामान्य तरीके से सफाई की गई। आंकड़े बताते हैं कि सीएचएक्स घोल से गर्भनाल की सफाई करने से बच्चों में संक्रमण का खतरा कम हुआ और बाल मृत्यु दर काफी घट गई। वहीं हाथ से धोने के मामलों में संक्रमण या नवजात मृत्यु के मामलों में कोई खास असर नहीं दिखाई दिया।
साभार: भाषा