यदि आप कहीं रोजगार तलाश रहे हैं तो आपमें `रोजगारी योग्यताएं' होना काफी लाभ दायक होता है। यह एक ऐसा विषय है जिस पर वर्षों से चर्चा होती आ रही है। ये गैर-तकनीकी योग्यताएं किसी भी व्यक्ति के लिए उसके कार्यलय में प्रभावी और सफल योगदान हेतु सहायक होती हैं। नास्कॉम द्वारा किए गए एक ताजा सर्वेक्षण के अनुसार मात्र 10 प्रतिशत स्नातक ही नौकरी योग्य होते हैं। यदि इंजीनियरिंग व एमबीए पाठ्यक्रमों की बात की जाए, तो माना गया है कि सिर्फ 25 प्रतिशत छात्र ही इण्डस्ट्री के योग्य होते हैं।
अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर ये रोजगारी योग्यताएं हैं क्या? कई स्थानों पर साक्षात्कार के दौरान पाया जाता है कि आवेदनों में, अनुभवी न होने पर, कहीं ना कहीं कुछ कमियां रह जाती है- जैसे आत्मविश्वास की कमी, जागरूकता की कमी, संचार योग्यताओं की कमी, आधारभूत प्रबंधन की कमी, सेल्स व कस्टमर सर्विस प्रबंधन की कमी, तकनीकी ज्ञान की कमी आदि।
भारत के अधिकतर भागों में छात्रों में इन्हीं योग्यताओं व विकास करने की मांग बढ़ रही है। अब प्रश्न ये है कि क्या ये योग्यताएं सिखाई जा सकती है? कारपोरेट कल्चर के अनुरूप कपड़े पहनना, बातचीत करना, तकनीकी ज्ञान व प्रबंधन तो आप सीख सकते हैं, परन्तु आत्मविश्वास और जागरूकता जैसे तत्व तो छात्र स्वंय ही अपने में लाता है और जब तक ये तत्व नहीं होगें, छात्र में नेतृत्व भाव, समय प्रबंधन जैसी कुशलताएं भी नहीं आ सकती।
दीपक कायस्थ, प्लानमेन एचआर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक व प्रबंधक, इस मुद्दे पर कहते हैं, `अच्छे अंक और आपके सिर्टिफकेट हमेशा आपकी काबिलयत बताते हैं, परन्तु कोई गारंटी नहीं हैं कि वे अच्छी नौकरी का आधार भी बनेंगे। अधिकतर नौकरी की शुरुआत छोटे स्तर और कम वेतन से ही होती है, परन्तु आपके परिश्रम के साथ-साथ आपका आत्मविश्वास, कारपोरेट कल्चर के प्रति आपका रवैया और आपकी जागरूकता ही आपको आगे ले जा सकती है।'
एक अच्छी नौकरी के लिए क्या योग्यताएं होनी चाहिए- इस पर दीपक कहते हैं कि सबसे पहले आपमें संचार (सुनना, बोलना, लिखना), विश्लेषण ज्ञान, तकनीकी ज्ञान, प्रबंधन, योजना निर्माण, सीखने की उत्सुकता आदि जैसे गुण होने चाहिए। यदि आप किसी प्रख्यात बी-स्कूल से उतीर्ण हैं, तब तो समझ लीजिए वारे-नारे हो गए।
युनिसन इंटरनेशनल के निदेशक उदित मित्तल भी कहते हैं, `सिर्फ अच्छे अंक ही आने भर से आप अच्छी नौकरी की गारंटी नहीं ले सकते। आपकी पहली नौकरी का जो अनुभव होता है, वह आपके लिए एक पारदर्शी अनुभव होता है। तब आप सिर्फ सीखते नहीं, बल्कि समझते भी हैं और अपने लक्ष्य की प्राप्ती के लिए जी जान तक लगा देने को तैयार रहते हैं।'
हो सकता है कि आप देश के सर्वोत्तम बी-स्कूल में न पढ़े हो, आपका नज़रिया और प्रशिक्षण के दौरान सीखने की जिज्ञासा आपके लिए मार्ग खोल देती है। आखिर व्यक्तिगत उन्नति तभी सम्भव है जब आप एक सकारात्मक नज़रिए से ये रोजगारी योग्यताएं सीखाना चाहें। जाहिर है कि आज प्रतिस्पर्द्धा के इस युग में सबको पीछे छोड़ कर आगे निकलने की होड़ लगी है, परन्तु आपका सकारात्मक दृष्टिकोण और सबल आत्मविश्वास आपकी उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
सीधी सी बात यही है कि इन योग्यताओं को हासिल करने के बाद नियुक्ता लोगों को साक्षात्कार के दौरान ही परख लेंगे। हाल ही जॉब पॉटल नौकरी डॉट कॉम की रिपोर्ट में कहा गया है कि जून माह के दौरान 21 फीसदी अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। खासकर, दूरसंचार, इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भारी मात्रा में नौकरी दी जा रही है। यदि आप ऊपर बताई गई सभी योग्यताओं को पढ़ते वक्त और साक्षात्कार के दौरान अपने जेहन में रखते है तो नौकरी मिलने में काफी आसानी हो जाएगी।
दीपिका शर्मा
(लेखिका कैरियर सलाहकार हैं)