इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से पढ़ाई करने वाले सेक्स वर्कर्स और उनके आश्रितों को अब कोर्स फीस नहीं देनी होगी। इग्नू ने सेक्स वर्कर्स समुदाय की भलाई के लिए उनकी कोर्स फीस माफ करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इग्नू इस तरह का कदम उठाने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
इग्नू के उपकुलपति वी. एन. राजशेखरन पिल्लई ने बुधवार को कहा कि हमारा उद्देश्य सेक्स वर्कर्स को आत्म विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर मोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल कराना है। उन्होंने बताया कि शुरूआत में यह पहल सिर्फ कोलकाता में की गई है। लेकिन जल्द ही देश भर में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
विश्वविद्यालय ने सेक्स वर्कर्स और उनके आश्रितों को शिक्षा मुहैया कराने के लिए कोलकाता के सोनागाछी में विशेष शिक्षण केंद्र खोला है। वर्तमान में 11 सेक्स वर्कर्स इस केंद्र में बैचलर आफ प्रीपरेट्री प्रोग्राम के तहत पंजीकरण करा चुकी हैं। इस बैचलर प्रोग्राम को करने के बाद विद्यार्थी किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि इससे पहले इग्नू कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों के लिए फीस माफी योजना ला चुका है।