पूंजी बाजार में निवेश के कई तरीके हैं। शेयर, बाण्ड्स, डिबेंचर, म्यूचुअल फण्ड, सिक्यूरिटीज अर्थात प्रतिभूतियां आदि कैपिटल मार्केट में निवेश के विभिन्न माध्यम हैं। इनमें शेयर बाजार में किया गया निवेश सर्वाधिक लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें धन को बढ़ते देर नहीं लगती।
शेयर बाजार के अपने जोखिम भी हैं, लेकिन इसमें त्वरित ग्रोथ की वजह से लोगों की दिलचस्पी कहीं ज्यादा होती है। शेयर किसी कंपनी में आंशिक भागीदारी हासिल करने का जरिया है। आप किसी कंपनी का जितना शेयर खरीदते हैं उस कंपनी के उतने हिस्से का हिस्सेदार बन जाते हैं।
इस तरह के निवेश में कंपनी के ग्रोथ से जुड़े लाभ हैं तो कंपनी के कारोबार से जुड़े नुकसान भी। किसी कंपनी का शेयर खरीदने वाला उस कंपनी का शेयर होल्डर, इक्विटी होल्डर या इक्विटी शेयर होल्डर कहलाता है।
शेयरों की खरीद-बिक्री
शेयर की खरीद-बिक्री निवेश की प्रक्रिया है, जो पूर्णत: आपके विवेक पर निर्भर करता है। शेयरों की खरीद-बिक्री के दो तरीके हैं। पहला, स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंज में खरीदे या बेचे जाते हैं। निवेशक ब्रोकर या दलाल के जरिए स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध शेयरों की खरीद-बिक्री कर सकता है। दूसरे तरीके में निवेशक या तो अन्य शेयर होल्डर से शेयर खरीद सकता है या फिर वह सीधे कंपनी से भी उसका शेयर खरीद सकता है।
जब कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों के लिए जारी करती है तो इसे इनीशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) कहते हैं। इसके बाद वह जब भी शेयर ऑफर करती है तो यह पब्लिक इश्यू कहलाती है। वास्तव में शेयर के जरिए कोई कंपनी आम निवेशकों से पूंजी उगाहती है और उसे अपनी कंपनी के ग्रोथ में लगाती है।
किस तरह के शेयर में लगाएं धन
महिलाओं के लिए हमेशा सूचीबद्ध पब्लिक लिमिटेड कंपनी के शेयर खरीदना अच्छा माना जाता है। ऐसे कंपनी के सदस्यों की संख्या 50 से अधिक होती है और इसके शेयरों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध भी नहीं होता है। जब तक निवेशक के पास किसी कंपनी का शेयर है जब तक वह शेयरों पर दिए गए डिविडेण्ड का अधिकारी होता है। दैनिक शेयर व्यवसाय में रोज का रिस्क है। यह रोज के शेयर बाजार के अप-डाउन पर निर्भर करता है। महिलाओं को दैनिक निवेश की सलाह नहीं ही दी जाती है।
Comments
share invest
mai share me rs invest karna chata hunmujhe pura jankari de share ke hame kya karna chahiye