वाइन इंडस्‍ट्री में करियर की अपार सम्भावनाएं

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नई दिल्‍ली। आज जोर पकड़ते कॉर्पोरेट कल्चर में वाइन हर पार्टी और समारोह की रौनक मानी जाने लगी है। दुनियाभर में वाइन का प्रचलन काफी पुराना है। 16 वीं शताब्दी से ही स्पेन, फ्रांस, लन्दन जैसे देशों में वाइन इतनी प्रचलित हो गई है कि इसे बनाने के लिए एक खास किस्म की खेती पर जोर दिया जाने लगा। रोम के साम्राज्य में तो वाइन को `भगवान का अमृत' की उपाधि भी दी गई। राजा महाराजा अपनी सभाओं और बैठकों में इसे काफी पसन्द किया करते थे। हमेशा से ही अमीरों का शौक रही वाइन को कभी भी शराब की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया। एक ऊंचे स्‍टेटस वाले वर्ग में जब भी ड्रिंक्‍स की बात हुई, हमेशा ही वाइन को पसन्द किया गया। वर्तमान समय में वाइन की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है और यह इतनी प्रचलित हो चुकी है कि लोगों ने वाइन के उत्पादन, वितरण आदि में अपना कॅरिअर तलाशना भी आरम्भ कर दिया है।

संभावनाएं
इस क्षेत्र में जैसे जैसे कॅरिअर के नए आयाम जुड़ते जा रहे हैं, ऐसा देखा गया है कि खासकर युवाओं में इस कॅरिअर को लेकर उतना ही उत्साह और रोमांच है जितना आईटी या मेडिकल के प्रोफेशन को लेकर होता है। वाइन बिजनेस का क्षेत्र अपने आप में अर्थव्यवस्था के 3 प्रमुख अंगों से जुड़ा हुआ है- कृषि, उत्पादन और विनिमय। अंगूर उद्योग से सीधे तौर पर जुड़ी हुई आर्थिक गतिविधियां आपके सामने विभिन्न नौकरियां लेकर आती है। आपको कई वाइन प्रेमी मिल जाएगें जो ऐसे विभिन्न स्थानों पर घूमते हैं जहां वाइन की खेती होती हो।

वाइन इण्डस्ट्री में करियर
सबसे पहला सवाल यह है कि पश्चिमी देशों से लोकप्रिय हुई वाइन की भारत में कितनी लोकप्रियता है। यहां हम समाज के एक ऐसे वर्ग की बात कर रहे जो अपनी रुचि के काम में ही कॅरिअर तलाशते है। उसकी रुचि ही उसका जूनून है, और वो ही उसकी जीविका भी बनाती है। पर एक बात पर वाइन के सभी जानकर सहमत होंगे, और वो ये कि वाइन का उत्पादन करना सिर्फ एक बिजनेस नहीं बल्कि एक कला है। इसकी गम्भीरता का पता यह देखकर ही लगाया जा सकता है कि भारत में वाइन ग्रेजुएशन और मैनेजमेण्ट के स्कूल कितनी तेजी से और किस तादाद में खुल रहे हैं। लोग आज इस विषय में रुचि दिखाने लगे हैं कि प्रोफेशनल क्वालिटी की वाइन बनाने, अंगूरों का चयन करने और बोतलों को अच्छे तरीकें से प्रस्तुत करने के लिए फॉर्मल प्रशिक्षण कहां से लिया जाए।

प्रशिक्षण का दायरा
वाइन मैनेजमेण्ट स्कूलों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में छात्रों को अंगूर की समस्त किस्मों के बारे में जानने का, वाइन की प्रैसींग और बैरलिंग प्रणाली समझाने का और वाइन की सभी बोटलिंग करने के तरीके को सीखने का अवसर मिलता है। वाइन मैनेजमेण्ट स्कूलों से स्नातकी प्राप्त छात्र वाइन उद्योग में एक बेहतरीन कॅरिअर बना सकते हैं।
वाइन उद्योग से जुड़े कोर्स करके आप मनचाहा क्षेत्र चुन सकते हैं, जैसे :

* ओएनोलॉजिस्ट -  यह एक प्रोफेशनल वाइनमेकर होता है जो अंगूरों की जांच करता है, जूस में खमीर उठाता है, सैलरिंग की प्रणाली देखता है और वाइन बनाने तक स्टोरेज भी सम्भालता है।

* वाइनयार्ड मैनेजर - यह वाइन प्रोफेशनल अंगूरों की खेती से जुड़े काम देखता है,फसलों का ध्यान रखता है और मौसम के हिसाब से अलग अलग प्रकार के अंगूरों की खेती करता है।

* सेलेर मैनेजर - यह वाइन प्रोफशनल वाइन का संग्रह करता है ताकि वो अच्छी तरह पक्क जाए। इसके अलावा सेलेर मैनेजर सेल्स के साथ साथ ग्राहकों और अतिथियों के लिए टूर का इन्तजाम भी करता है।

* सेलर हैण्ड - यह पद सेलेर मैनेजर के एिस्सटेण्ट का है जो हर दैनिक कार्य व प्रणाली में मैनेजर की सहायता करता है।

* वाइन रिसर्चचर - यह वाइन प्रोफेशनल समस्त फील्ड रिसर्च अध्ययन के लिए जिम्मेदार होता है। इसे अंगूर की अच्छी पैदावार के लिए उपयुक्त दशाओं, मिट्टी आदि का भी ज्ञान होता है।

* एक्सर्पट वाइनमेकर - यह वाइन प्रोफेशनल ही मूलत: वाइन के उत्पादन का कारोबार सम्भालता है। इस व्यक्ति को फिजिक्‍स तथा कैमेस्ट्री का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।

वाइन इण्डस्ट्री में करियर का स्कोप
भारत की प्रख्यात अन्तरराष्ट्रीय गुणवत्ता की वाइन निर्माता कम्पनी `निरवाना बायोसिस, के ज्वाइण्ट मैनेजिंग डायरेक्टर एम.के रूसतगी के अनुसार, वाइन उद्योग में कॅरिअर बनाने के लिए आपको शिक्षा, डिग्री, सालों का अनुभव और वाइन के प्रकारों को अच्छा ज्ञान आदि सब कुछ चाहिए। और यह सब मात्र वाइन पीने से नहीं आता। हालांकि आप स्नातकी के पश्चात वाइन उद्योग से जुड़ सकते हैं। परन्तु एक प्रोफेशनल कोर्स आपके पद और आमदनी में चार चांद लगा सकते है। निरवाना बायोयस ने वाइन उत्पादन के लिए अपनी वाइनरी प्लाण्ट हरियाणा में लगवाया है।

आज काफी प्रचलित होते इस क्षेत्र से सेल्स, फाइनेंस, अकाउण्टिंग, हॉस्पिटलिटी, रिटेल जैसे तमाम विषय जुड़ चुके हैं। वाइन बिजनेस से जुड़ने के लिए आपको जिस तरह के कोर्स की आवश्सकता है, वो कोर्स कराने वाले कुछ प्रमुख संस्थान हैं :

* वाइनक्रेस्ट इण्डिया, दिल्ली
* इंस्टिट्यूट ऑफ वाइन एण्ड बेवरेज स्डीज, दिल्ली
* केबीआर स्कूल ऑफ वाइन, मुम्बई

यह उद्योग आप किसी होटल व रेस्त्रां से आरम्भ कर सकते है और धीरे धीरे इंपोर्ट-एक्‍सपोर्ट से लेकर स्वतन्त्र कंसलटेंट का क्षेत्र भी चुन सकते हैं। आरम्भ में वेतन कुछ इस प्रकार रहता है -

* जूनियर सोम्मेलियर              : 5000 से 7000 रुपए प्रति माह
* सीनियर सोम्मेलियर             : 7000 से 10000 रुपए प्रति माह
* हेड सोम्मेलियर                    : 10000 से 25000 रुपए प्रति माह
* इण्डिपेण्डेण्ट वाइन कंसलटेण्ट   : 25000 से 2 लाख रुपए प्रति माह
 
दीपिका शर्मा
लेखिका करियर काउंसलर हैं

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msc bitoc karke wine industry me job mil sakti he kya