नई दिल्ली। टीम इण्डिया के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद से हर मां-बाप के सपने में अपने बच्चे धोनी की तरह छक्का मारते दिख रहे हैं। अभिभावक अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने घर में धोनी, सचिन और युवराज गढ़ने में जुट गए हैं। कम समय में नाम और शोहरत के इस फटाफट करियर को लेकर स्कूलों ने भी क्रिकेट की कोचिंग देनी शुरू कर दी है। मनोचिकित्सक बच्चे और मां-बाप के इस व्यवहार को लेकर बेहद हैरान हैं। अभिभावक उनके पास पहुंच रहे हैं और उन्हें अपने बच्चे में क्रिकेट का फण्डा फिट करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करने को कह रहे हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) के मनोचिकित्सक डॉ. राजेश सागर के अनुसार क्रिकेट वर्ल्ड कप में टीम इण्डिया की जीत ने देश में क्रिकेट की लहर पैदा कर दी है। मां-बाप को लग रहा है कि उनके बच्चों के नेम-फेम के लिए यही एक मात्र रास्ता है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वह अपने बच्चों के सही प्रतिभा को पहचाने और उसी अनुरूप उसके लिए करियर का चुनाव करें।
विम्हांस अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. विशाल छाबड़ा के अनुसार क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत ने करियर का मानदण्ड ही बदल दिया है। लोगों को लग रहा है कि कम समय में नेम-फेम बॉलिवुड, क्रिकेट और राजनीति में ही हासिल हो सकता है। हाल के दिनों में देश की राजनीति बदनाम हुई है, बॉलिवुड का रास्ता इतना आसान नहीं है और क्रिकेट में टीम इण्डिया जीती है। ऐसे में अभिभावकों की पहली पसन्द क्रिकेट हो गई है।
राममनोहर लोहिया अस्पताल की मनोचिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. एसएन देशपाण्डे के अनुसार क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत और आईपीएल जैसे आयोजन में तड़क-भड़क और पैसे ने अविभावकों व बच्चों को दिग्भ्रमित कर दिया है। जिस तरह किसी जमाने में डॉक्टर व इञ्जीनियर बनाने की होड़ मची रहती थी, उसी तरह अब क्रिकेटर बनाने की होड़ मची है। लोगों को लग रहा है कि टीम इण्डिया में न सही, उनका बच्चा आईपीएल तक तो खेल ही लेगा और एक ही झटके में हम करोड़पति हो जाएंगे।
मोहन गार्डन स्थित कमल मॉडल सीनियर सेकेण्ड्री स्कूल की प्रधानाचार्य वन्दना टण्डन ने बताया कि क्रिकेट वर्ल्ड कप के बाद बड़ी कक्षा के बच्चों ने अनुरोध भेजा है कि स्कूल में क्रिकेट की कोचिंग शुरू की जाए।
द्वारका उपनगरी स्थित वन्दना इण्टरनेशल स्कूल के चेयरमैन वेदप्रकाश टण्डन ने बताया कि टीम इण्डिया की जीत के बाद बड़ी संख्या में अभिभावकों का अनुरोध आया है कि स्कूल में क्रिकेट एकेडमी शुरू की जाए ताकि उनके बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। हम बच्चों को राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट एकेडमी उपलब्ध कराने वाले हैं।
संदीप देव
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