प्रोफेशनल सोशल मीडिया नेटवर्क का रूख अब छोटे शहरों की ओर

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आगरा की रहने वाली एक युवा प्रोफेशनल गुंजन की अकादमिक शिक्षा काफी अच्छी रही, परन्तु दिल्ली व मुम्बई जैसे बड़े शहरों का एक्सपोसर न होने के कारण एक अच्छी नौकरी का उसे हमेशा से ही मलाल रहा। मेट्रो शहरों में नौकरी के लिए यदि कोई बेहतरीन साधन न हो तो इधर उधर भटकने पर भी कुछ खास हाथ नहीं लगता। हां, इंटरनेट का शौक गुंजन को हमेशा से था, और इसी के बलबूते सोशल नेटवर्किंग साइटस के माध्यम से उसने लोगों से जान पहचान बनाई। दिल्ली की एक प्रख्यात जनसंपर्क संस्थान में इंटव्यू दिया और एक खुशहाल जीवन की ओर कदम बढ़ाया।


गुंजन के अनुसार, `मेहनती इंसान के लिए आज हर क्षेत्र में अवसर हैं, परन्तु इन अवसरों का माध्यम हमें खुद तलाशना होता है। आज बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण प्लेसमेंट की बहुत मारा-मारी है। ऐसे में सोशल मीडिया नेटवर्किंग एक ऐसा माध्‍यम है जो आपको मेट्रो शहरों में ऐसे अवसर प्रदान करता है। आप नई कंपनियों के संपर्क में आ सकते हैं, अपना अनुभव और काम दिखा सकते हैं, नए बिजनेस के अवसर तलाश सकते हैं और अपने काम की पब्लिसिटी भी कर सकते हैं। ``  जाहिर है, इंटरनेट या सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट्स सिर्फ दोस्तों  से संपर्क में रहने के लिए काम नहीं आती बल्कि आपका रोजगार व व्यवसाय के नए अवसर तलाशने में भी मददगार साबित होती हैं।

सोशल मीडिया:  प्रोफेशनल नेटवर्किंग और जॉब साइट्स की सहभागिता
नौकरी डॉट कॉम से लेकर मॉनस्टर तथा टाइम्स जॉब तक ऐसी तमाम वेबसाइट्स हैं जो मेट्रो शहरों के अलावा द्वितीय व तृतीय स्तर के शहरों से हुनरमन्द युवाओं को खोज निकालने में जुटे हैं। इण्डस्ट्री एक्सपर्ट का मानना है कि अकादमिक नज़रिए से देखा जाए तो छोटे शहरों में ऐसे युवाओं की भरमार है जो आत्मविश्वासी हैं और लगन से काम करने का जज्बा रखते हैं। पर एक्सपोज ना मिल पाने के कारण सामने नहीं आ पाते। इन क्षेत्रों में ये `जॉब वेबसाइट` धूम मचा रही है।

इस काम में फेसबुक, आर्कुट, टविटर जैसी सोशल मीडिया साइट्स भी पीछे नहीं है। आज इन साइट्स पर छोटी बड़ी कंपनियों के अलग-अलग पेज, समूह और समुदाय बने हुए हैं। हर कंपनी की कम्युनिटी में आपको उसके बारे में अधिक जानकारी और रोजगार के अवसर जानने में मदद मिल सकती है। यही नहीं, कुछ संस्थाएं और व्यक्तिगत यूजर्स भी ऐसे आकाउंट चलाते हैं जो इन कम्युनिटिस व वेब पेज के माध्यम से सरकारी व प्राइवेट नौकरियों की जानकारी देते हैं।

विशेषज्ञों की राय
एक छोटे शहर व कस्बे में आपको आत्मविश्वास से भरे कई युवा मिल जाएगें जो अच्छा बोलते होगें व लिखते होंगे। पर उनमें से कितने होगें जो जानकारी रखते होगें कि पत्रकारिता का क्षेत्र भी एक अच्छा करिअर हो सकता है? यही उदाहरण अन्तरिक्ष व तकनीक से लेकर अर्थशास्‍त्र तक हर क्षेत्र में लागू होता है। समाचार पत्र व टेलिविजन के फैलते दायरे के साथ साथ इंटरनेट की ये साइट्स तो जैसे सोने पर सुहागा की तरह साबित हो रही है।  
'अपना सर्किल' के संस्थापक तथा सीईओ योगेश बंसल मानते हैं  कि नेटवर्किंग साइट्स आज किसी की  प्रोफेशनल प्रोफाइल बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है। एक बिजनेस तथा करिअर नेटवर्किंग वेबसाइट्स होने की वजह से अपना सर्किल डॉट कॉम से आज देश विदेश के अनेकों लोग एक दूसरे से जुड़े हैं। सबकि अलग अलग पृष्ठभूमि है और रोजगार व बिजनेस को लेकर अलग-अलग अवाश्यकताएं। परन्तु इन साइट्स के माध्यम से आज कंपनियां अपने लिए कर्मचारी जुटा सकती हैं, और रोजगार ढूंढ रहे व्यक्ति अपने लिए कंपनियां तलाश सकते है।

राजधानी दिल्ली स्थित एक जनसंपर्क संस्थान वल्यू 360 डिग्री प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुणाल किशोर  कहते हैं कि  एक जनसंपर्क संस्थान के नाते हमें अपनी पहुंच चौतरफा बढ़ाना आवश्यक है। आज हम दिल्ली से बाहर निकलकर अन्य राज्यों में भी अपना नाम  बना पाए है इसका श्रेय इन नेटवर्किंग साइट्सों को ही जाता है और यकीन मानिए यह बिलकुल भी कठिन व सिरदर्दी वाला काम नहीं है।
आखिर लोगों से जुड़ना किसे अच्छा नहीं लगता, खासतौर पर जब आपका बिजनेस तेजी से कई गुणा बढ़ रहा हो।

जैसे जैसे भारत में `नेटिजनस'  (इंटरनेट यूजर्स) की तदाद बढ़ती जा रही है वैसे वैसे छोटे शहरों से छूपे रुतम सामने आ रहे हैं। भारत जैसे विकासशील देश मे वह प्रगति का एक सकारात्मक पहलू है।

दीपिका शर्मा
लेखिका कैरियर काउंसलर हैं

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