एक अध्ययन में यह सामने आया है कि हर साल महिलाएं अपनी तीन सप्ताह की नींद केवल इसलिए गवां देती हैं क्योंकि उनके पति खर्राटे भरते हैं। कुल 2,500 वयस्कों पर किए गए इस सर्वे में पाया गया है कि पत्नियों पर खर्राटे काफी हद तक दु:स्वप्न की तरह होते हैं। इस अध्ययन के मुताबिक खर्राटों से परेशान 39 फीसदी पत्नियां शांति से सोने के लिए दूसरे कमरे में चली जाती हैं।
सर्वे के मुताबिक, नौ जोड़ों में एक जोड़ा केवल खर्राटे की समस्या की वजह से स्थायी रूप से अलग अलग सोता है। डेली मेल में प्रकाशित खबर के अनुसार, दिलचस्प बात यह है कि खर्राटे भरने की आदत के लिए केवल पुरूष ही दोषी नहीं होते, महिलाएं भी जम कर खर्राटे लेती हैं। हालांकि यह समस्या आम तौर पर पुरूषों में ही होती है।
ब्रिटिश लंग फाउंडेशन के आंकड़ों से पता चलता है कि खर्राटों की समस्या के कारण 39 फीसदी वयस्क एक रात को औसतन डेढ़ घंटे की नींद खो देते हैं। एक साल में इसका कुल योग 574 घंटे या करीब 23 दिन होता है। (एजेंसियां)