त्‍वचा को कांतिमय बनाने के लिए खूब खाएं आम

Mango.jpg

आम में वे सभी विटामिन्स, एण्टीऑक्सीडेण्ट्स और खनिज होते हैं, जो त्वचा की सेहत के लिए निहायत जरूरी हैं। इनमें रेशा अधिक होता है तथा कैलोरी और सोडियम कम होता है। विटामिन-ए की इसमें भरपूर मात्रा होती है। इसी तरह विटामिन-बी और सी के साथ पोटेशियम भी होता है। कैल्शियम और आयरन की भी अच्छी खुराक आम से हासिल की जा सकती है।


इसमें मौजूद विटामिन-ए या बीटा केरोटीन एक तगड़ा एण्टी ऑक्सीडेण्ट है। विटामिन-ए में रिजुविनेशन की क्षमता होने के अलावा यह मुहाँसों और एक्ने के इलाज में भी नाटकीय ढंग से प्रभावशाली साबित होता है। बीटा केरोटीन एक ऐसा पोषक तत्व है, जो रात में देख पाने की क्षमता को बढ़ाता है।

त्‍वचार पर लगाएं आम का रस, मुहांसे हो जाएंगे गायब
मुहाँसे और एक्ने के इलाज में कभी-कभी इसे सीधे त्वचा पर लगाने की भी सलाह दी जाती है। बीटा केरोटीन का सबसे बड़ा स्रोत जो हमारे सबसे नजदीक है, वह है आम का रस। आम के रस को सीधे त्वचा पर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ा जा सकता है। आम में मौजूद फेनोल और अन्य एंजाइम्‍स त्वचा की खराबियों को दूर करने के अलावा कैंसररोधी गुणयुक्त भी पाए गए हैं।
विटामिन ए की कमी के कारण त्वचा ढीली, निस्तेज और बेजान हो जाती है। इसके अलावा बाहों, कोहनियों और घुटनों पर खूण्टे निकल आते हैं। कांतिमय चमकीली त्वचा आम के नियमित सेवन से हासिल हो सकती है।


आम में होता है हैप्‍पीनेस हार्मोन
यदि रसायनयुक्त डिब्बाबन्द आमरस से बचना चाहें तो केवल आम के मौसम भर इसका प्रयोग किया जा सकता है। आम में सिरोटोनीन नामक हारमोन पाया जाता है जिसे `हैप्पीनेस हार्मोन´ भी कहा जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए इसमें मौजूद लौह तत्व फायदेमन्द साबित होते हैं। आम के आम और गुठलियों के दाम की कहावत यूँ ही नहीं बनी। इसके पीछे दलील यह है कि आम के छिलके में अल्फा हाइड्रोक्सिल एसिड्स होते हैं, जो त्वचा को  नया जीवन प्रदान करते हैं।