साउथ एक्स की अनुपमा आजकल सबको बड़ी शान से बताती हैं कि उनकी होने वाली बहू डेंटल असिस्टेंट है। लाखों रुपए सालाना वेतन और मॉर्डन लाइफस्टाइल। हाल ही में यू.एस डिपार्टमेंट ऑफ लैबर के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटटिक्स ने भी डेंटल असिस्टेंट को बेहतर कैरियर ऑप्शन माना है । मेडिकल जगत में काफी तेजी से उभरे इस क्षेत्र ने कई युवाओं को प्रभावित किया है।
भारत में मीडिया ने इस कोर्स को एक बड़े स्तर पर कभी नहीं दर्शाया, लेकिन विदेशों में इस कोर्स की काफी मांग है । और बड़ी-बड़ी अन्तरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां आजकल मुहं मांगें वेतन पर डेंटल अस्टिेंट की नियुक्तियां कर रही हैं। धीरे-धीरे भारत में भी ऐसे संस्थान खुल रहे है जहां इस कोर्स का उत्तम प्रशिक्षण दिया जाता है।
विशेषज्ञों की राय
परफेक्ट वेलनेस सेंटर फॉर डेंटल एण्ड आई केयर के प्रबंध निदेशक अंकित अग्रवाल भी मानते हैं कि कॅरिअर के रूप में डेंटल असिस्टेंट व ऑपटोमेट्री की भारत जैसे देश में आपार संभावानाएं हैं। इसमें कॅरिअर बनाने पर आप अच्छी आमदनी के साथ साथ सामाजिक सम्मान और सुनहरे भविष्य का सपना देख सकते हैं।
परफेक्ट डेंटल केयर सेंटर के ही प्रधान डॉ. कपिल गांधी के शब्दों में `शहरों में आज आपको डेंटल केयर अस्पताल और क्लीनिक की भरमार मिल जाएगी। बड़े शहरों में आमदनी भी अच्छी है। आप चाहें तो 12वीं के बाद सिर्फ बैचलर्स ऑफ डेंटल सर्ज़री (बीडीएस) करके भी इस क्षेत्र में आ सकते हैं । यदि आप एमबीए करते हैं तब तो सोने पर सुहागा होगा। एमडीएस के लिए आप अपनी रुचि के अनुरूप 8 विभिन्न क्षेत्रों में से किसी का भी चुनाव कर सकते है। आगे आपके हाथ में है चाहे तो अपना क्लीनिक खोल लें अथवा किसी भी अच्छे अस्पताल में व क्लीनिक में आप 30 से 40 हजार रुपए तक के शुरुआती वेतन पर काम शुरू कर सकते हैं।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य
डेंटल असिस्टेंट व ऑपटोमेट्री एक उच्चस्तरीय कॅरिअर है। इसका अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके रजिस्ट्रेशन व लाइसेसिंग का अधिकार डेंटल असिस्टिंग नेशनल बोर्ड जैसी प्रख्यात संस्थाओं के पास है। ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत में अभी लगभग 9000 ऑपटोमेट्रिस्ट हैं, जबकि हमें आवश्यकता करीब 1 लाख 15 हजार की है।
इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में नौकरियों की भरमार हैं। वर्ष 2009 में कमीशन ऑन डेंटल अक्रेडेशन (सीओडीए) ने 281 डेंटल असिस्टिंग कार्यक्रमों को मंजूरी दे दी, जिसके बाद से इस कोर्स को चुनने वाले छात्रों की बाढ़ ही आ गई।
अगर अमरीका का उदाहरण लें तो वर्ष 2008 में वहां आमतौर पर एक डेंटल असिस्टेंट की आमदनी 32,380 डॉलर सालाना थी जो कि भारतीय मुद्रा में लगभग 14.89 लाख रुपए है। वैसे वहां एक अनुभवी डेंटल असिस्टेंट सालाना 46,150 डॉलर लगभग 22.21 लाख रुपए आसानी से कमा सकते हैं।
कोर्स एवं कार्यप्रणाली
एक प्रसिद्ध डेंटल असिस्टेंट बनने हेतु आपको डेंटल असिस्टिंग नेशनल बोर्ड द्वारा आयोजित किया रेडिएशन हेल्थ एण्ड सेफ़्टी इग्जामिनेशन पास करना होता है। आमतौर पर एक डेंटल असिस्टेंट को मरीजों के डेंटल रिकॉर्ड जुटाने से लेकर डेंटल सर्ज़री व जांच उपकरण सम्भालना, रेडियोग्राफी व एक्स-रे रिपोर्ट बनाना, नकली दांत बनवाने जैसे समस्त कार्य देखने होते हैं।
हालांकि इस कोर्स के दौरान आपको बायोलॉजी और केमेस्ट्री से लेकर हेल्थ और ऑफिस पैक्टिस जैसे विषय भी पढने पड़ेगें। परन्तु कोर्स पूरा होते ही आप एक अच्छी नौकरी पा सकते हैं। जिसमें मोटी आमदनी के साथ-साथ पूरा आराम हो और एक सामाजिक रुतबा भी।
कहां से करें कोर्स
1. मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली ।
2. सेठ जी.एस मेडिकल कॉलेज, मुम्बई ।
3. आई.टी.एस सेंटर फॉर डेंटल स्टडीज एण्ड रिसर्च, गाजियाबाद ।
4. नैयर हॉस्पिटल डेंटल कॉलेज, मुम्बई ।
5. पटना डेंटल कॉलेज, पटना ।
दीपिका शर्मा
(कैरियर काउंसलर)