कैग (CAG) रिपोर्ट के अनुसार कॉमनवेल्थ गेम्स में घोटालों (cwg 2010 scam) का डिजाइन बड़ा अनोखा था। पहले तैयारियों में भयानक देरी की गई और बाद में नकली जल्दबाजी दर्शायी गई। बाद में अंधाधुंध और अपारदर्शी खर्च किए गए क्योंकि खेलों के आयोजन की तारीख निश्चित थी। आयोजकों ने टेंडरिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता बिल्कुल ही खत्म कर दी और प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां रोक दीं। मनमाने और ऊंची दरों पर ऑर्डर दिए गए। इसकी वजह से देश की साख बढ़ाने वाला खेल आयोजन घोटालों का पुलिंदा बन गया।
गेम्स की लागत तीन गुना बढ़ी
राष्ट्रमंडल खेल आयोजन की शुरुआती लागत 6,120 करोड़ रुपये (2003 की बोली के अनुसार) थी जो बढ़कर 18,532 करोड़ रुपये हो गई। इसमें दिल्ली मेट्रो और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल3 आदि का खर्च शामिल नहीं है।
आयोजन समिति के खेल
* ओवरले घोटाला
तमाम उपभोक्ता सामानों और फिटनेस उपकरणों की खरीद
घोटाले की प्रकृति : आश्चर्यजनक कीमतों पर सामानों की खरीद, कंपनियों का कार्टेल, टीम कलमाडी ने की कंपनियों की तरफदारी।
नुकसान : लगभग 199.43 करोड़। कार्रवाई : सीबीआइ की जांच जारी।
* कैटरिंग
खानपान प्रबंध के लिए योजना
घोटाले की प्रकृति : जानबूझकर देरी, अंतिम समय में ठेकों में रद्दोबदल, ठेकेदारों की मनमानी व किराए की बजाय किचन सामान की खरीद
* समारोह
क्वींस बैटन रिले और उदघाटन तथा समापन समारोह
घोटाले की प्रकृति : मनमाफिक कंपनी तय करना और मिलीभगत के साथ कमाई, हर सेवा के लिए मुहमांगी कीमत
कार्रवाई : सीबीआइ जांच जारी।
* टेक्नोलाजी
टाइमिंग स्कोरिंग और रिजल्ट सिस्टम, खेल प्रबंधन तंत्र (जीएमएस) आदि
घोटाले की प्रकृति : जानबूझकर ऐसी शर्ते लादना कि अनचाही एजेंसी बाहर हो जाए, फिर कई गुना कीमत पर मनचाही कंपनी को ठेका।
कार्रवाई : सीबीआइ जांच जारी
* प्रायोजक व राजस्व
प्रायोजक, व्यापार व लाइसेंस, टिकट आदि के जरिए राजस्व अर्जन
घोटाले की प्रकृति : हर मोर्चे पर हुई देरी, मनचाहे कंसल्टेंट स्मैम की नियुक्ति पक्षपात व लूट। दबाव में तय हुए सलाहकार
कार्रवाई : सीबीआइ जांच
* टिकटिंग घोटाला
4.80 लाख मुफ्त टिकटों का बंटवारा।
घोटाले का प्रकृति : राष्ट्रमंडल खेलों के नियमों का उल्लंघन
नुकसान : करीब 74 करोड़ रुपये
* नियुक्तियां : आयोजन के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति।
घोटाले की प्रकृति : निविदा प्रक्रिया व्यवस्था में खास एजेंसी को सीधा फायदा पहुंचाने की मंशा, मनमाने ढंग से अधिकारियों की नियुक्ति, पद्दोन्नति में पक्षपात आदि।
* दूरसंचार सुविधाएं : आयोजन के वीडियों व आडियो नेटवर्क के लिए घोटाले की प्रकृति : बिना पूर्व परीक्षण के एमटीएनएल ने किया सबसे महंगी तकनीक का इस्तेमाल, साथ में वर्तमान तकनीक भी कराना पड़ा उपलब्ध, अविश्वनीय लागत।
नुकसान : करीब 100 करोड़ रुपये।
खेल मंत्रालय के खेल व सीपीडब्ल्यूडी व डीडीए द्वारा विकसित आयोजन स्थल
जेएलएन समेत 5 स्टेडियम साई ने बनाए, जबकि डीडीए ने 3 स्थलों का विकास किया।
घोटाले की प्रकृति : कार्ययोजना से काम शुरू होने में हुई देरी, एजेंसी तय करने में पक्षपात।
नुकसान : निर्माण लागत में भारी वृद्धि।
राष्ट्रमंडल खेल गांव
खिलाडि़यों व अधिकारियों के आवासीय परिसर, अभ्यास क्षेत्र
घोटाले की प्रकृति : एम्मार एमजीएफ को अनुबंध दिए जाने में गंभीर अनियमितता, निविदा की शर्तो में बदलाव नुकसान : निजी कंपनी एमजीएफ को 766 करोड़ रुपये का बेल आउट पैकेज
दिल्ली सरकार के घोटाले
* स्ट्रीटस्केपिंग : आयोजन स्थल के आसपास का सौंदर्यीकरण और हरियाली।
घोटाले की प्रकृति : मनमानी से ठेका, खास कंपनी के सामानों को प्राथमिकता, बिना जरूरत की खरीद, बहुत महंगी।
नुकसान : स्ट्रीटस्केपिंग 100 करोड़,
* दिल्ली की हरियाली : पौधों गमलों व विदेशी पौधों की खरीद।
घोटाले की प्रकृति : मनमानी कीमत, टेंडरिंग का अभाव, सीधा फैसला। नुकसान : 24 करोड़
* शहरी संरचना विकास : दिल्ली में परिवहन व्यवस्थित करने के लिए 25 सड़कों व पुलों के निर्माण का कार्य घोटाले की प्रकृति : कार्ययोजना में देरी से बढ़ा बजट, ठेकेदारों को पहुंचाया लाभ।
* सुरक्षित संचार सेवा : खेल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए संचार सेवा
घोटाले की प्रकृति : पुलिस ने गैरजरूरी बताया लेकिन उपराज्यपाल कार्यालय के दबाव पर खरीदा गया टेट्रा नेटवर्क
* परिवहन सेवाएं : बसों की खरीद, बस शेल्टर का निर्माण, टिकट बूथ का निर्माण
घोटाले की प्रकृति : चहेती कंपनी को ठेका, अधूरा काम, ऊंची कीमतें।
नुकसान : लो फ्लोर बसों की खरीद में 60 करोड़।
* स्वास्थ्य सेवाएं : खेलों के दौरान चिकित्सा सुविधाओं, स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर का निर्माण। घोटाले की प्रकृति : देरी, मनमानी खरीद, कंपनियों का फर्जीवाड़ा
नुकसान : महंगी दरों पर खरीद, सामानों की बर्बादी
cwg 2010 scam