कारपेट खरीदने से पहले रखें ध्‍यान

carpets.jpg

बाजार में नए और विभिन्न प्रकार के कारपेट की मौजूदगी से इसका चुनाव करना थोड़ा मुश्किल है पर कुछ चीजों को ध्यान में रखा जाय तो यह काफी आसान हो सकता है। अपनी अपेक्षा के अनुसार कारपेट खरीद लाने पर आप आगे होने वाले अफसोस और गलत च्वाइस की चिढ़ से बच सकते हैं।

 

तय करें- बाजार जाने से पहले अपना बजट, कारपेट के प्रकार आदि। हर तरह के कमरे के लिए अलग-अलग तरह के कारपेट डिजाइन किए जाते हैं। कारपेट की संख्‍या भी पहले ही तय कर लें। आस-पास के लोगों से पूछ कर कारपेट की स्पेश्लिस्ट दुकान के बारे में भी पता कर लें। उस दुकान के स्टैण्डर्ड रेट को भी जान लें, ऐसा न हो कि वहां पहुंच कर पता चले कि यह दुकान आपके बजट में ही नहीं है।


जानकारी लें- कीमत व टिकाउपन के बारे में फैसला लेने से पहले दूसरे दुकानों में भी कीमत का जायजा लें। चूंकि कारपेट के मटेरियल में आसानी से अन्तर कर पाना मुश्किल होता है इसलिए आर्टिफिशियल और असल चीजों की पहचान के बारे में जानकारी पहले ही इकट्ठा कर लें। कहीं ऐसा ना हो असली कहकर दुकानदार नकली फर इत्यादि की चीजें पकड़ा दें। ऐसे में आप धोखा खा जाएं और कीमत के हिसाब से चीज भी ना आ पाए।

सही चुनाव- कारपेट का रंग और बनावट कमरे की सजावट, लाइटिंग और प्रर्दशन पर असर डालता है। यदि कारपेट चिकना और वेलवेटी हो तो फॉर्मल डायनिंग रूम के लिए अच्छा लगता है। इसके लिए ओरिएंटल या टेपस्ट्री मतलब चित्र के उभार वाली कारपेट लगाएं।

कमरे को हल्का और प्रसन्नचित्त दिखाने के लिए चमकीले कारपेट का इस्तेमाल करना चाहिए। चिकने कारपेट में फुटप्रिंट्स और वैक्युम मार्क्‍स रह जाते हैं। उबड़-खाबड़ फर्श के लिए रोएंदार लूप या फन्दे वाला कारपेट लें। इससे सिले हुए कारपेट का आभास होता है और फर्श की उंच-नीच नज़र नहीं आती है। अलग-अलग गांठ को उपर-नीचे करके लगे होने से नक्काशी के जैसी कढ़ाई लगती है।  इस लुक को और भी खुबसुरत बनाता है उसमें इस्तेमाल किया गया विभिन्न रंग। ऐसे कारपेट पर कई कोने से रौशनी पड़ती है तो इसका स्वरूप और निखर जाता है। ऐसे कारपेट में फुटप्रिंट्स नज़र नहीं आते तो ये ज्यादा आवागमन वाले कमरे के लिए बेहतरीन उपाय है।

बनावट- कारपेट के धागे के ऐंठन पर गौर करें। ये जितना ज्यादा कसा हुआ होगा रोएं निकलने की संभावना उतनी ही कम होगी। एक धागे में जितनी ज्यादा ऐंठन होगी रोंआ उतना घना होगा और ऐसे में पैर के निशान कम दिखेंगे। रोंएं के लंबाई को देखकर धोखा ना खाए। इससे कारपेट के धने होने का कोई सम्बंध नही है।


सुरक्षा- सबसे ज्यादा परेशानी कारपेट की धुलाई करने में आती है। इसलिए मिट्टी, दाग-धब्बों से सुरक्षा करने वाले कारपेट लेने का मन में निश्चय कर लें। सुन्दर डिजायन देखकर भ्रमित न हों। बाजार में विभिन्न प्रकार के कारपेट मिल जाते हैं जिन पर दाग-धब्बे कम लगते हैं यानी स्टेनफ्री होते हैं या धुलने में काफी आसान होते हैं। कम से कम ड्राइंगरूम के लिए ऐसे कारपेट ही `द बेस्ट´ होते हैं।


अंडरपैड- फर्श और कारपेट के बीच अण्डरपैड की खरीददारी भी बहुत ध्यान से करनी चाहिए, ऐसा न सोचें कि दिखेगा नहीं तो सावधानी की भी जरूरत नहीं है। पैडिंग पर प्रेशर पड़ने से कारपेट के रोएं खराब हो जाते हैं और उसमें मिट्टी धंसती चली जाती है।

जीन इत्यादि की गद्दी जिसे पैडिंग कहते हैं उससे ये दोनों परेशानिया कम हो जाती हैं। पर हर तरह के कारपेट के साथ पैडिंग नहीं चलती है इसलिए खरीदने से पहले दुकानदार से इसकी जानकारी ले लें। ज्यादातर प्लांट फाइबर से बने और अन्य सख्त कारपेट अत्यधिक मुलायम पैडिंग से खराब हो जाते हैं। मजबूत और टिकाउ अंडरपैड लें। केवल सस्ते या सुन्दर के चक्कर में ना पड़े।

प्रीतीबाला
सॉफ्टवेयर असोसिएट,
आईबीएम, पुणे