व्यक्ति जब अपने जॉब की शुरुआत करता है तो वह कामयाबी के सपने देखता है। सपनों के उड़ान के सुहाने सफर और कामयाबी के पीछे सबसे मुख्य भूमिका है आपकी बेस्ट परफॉर्मेंस का। जॉब के शुरुआती दिनों में आप अपना बेस्ट करके दिखाते हैं जिसके कारण आपको सहयोगियों और सिनियर्स से प्रशंसा मिलती है । परन्तु कुछ समय बाद जब आप अपने कार्यक्षेत्र में परफेक्ट हो जाते हैं तो कई बार उसमें आपको कोई नया चैलेंज नज़र नहीं आता है । आप खुद को खाली , थका हुआ महसूस करते हैं और फैसला कर लेते है उस जॉब को टाटा करने का । ये फैसला करने से पहले आप एक पल के लिए रुकिए और अपनी समस्या के बारे में सोचिए । ईमानदारी से सोचिए क्या आप अपनी वर्तमान जॉब में कुछ अच्छा कर सकते हैं। एक बात का ध्यान रखें इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगली जॉब आपके मापडण्ड पर खरी ही उतरेगी । एक तथ्य यह भी है की दुनिया में कोई ऐसी जॉब नहीं है जिसमें बोरियत और थकान न हो।
`रैट रेस´ के इस युग में खुद को साबित करने के लिए प्रस्तुत हैं कुछ खास टिप्स जो परिस्थितियों को बदल सकते हैं -:
• समस्या का कारण समझें-: आपकी उदासी के पीछे क्या वजह है र्षोर्षो क्या आपके पास चैलेंजिंग परिस्थितियों की कमी है र्षोर्षो क्या सहयोगियों और सिनियर्स का व्यवहार ठीक नहीं है र्षोर्षो क्या आपके पास कमिटमेंट ज्यादा और उन्हें पूरा करने कर समय कम है र्षोर्षो या जॉब से जुड़ी कोई अन्य बात है तो पहले उसे समझने की कोशिश करें और फिर उसका हल निकालें ।
• एक बार में एक ही काम-: कभी-कभी आप बेहद तनावपूर्ण स्थिती में होते हैं , तब आप खुद को अनियन्त्रित महसूस करते हैं । ऐसी स्थिती में कुछ भी अच्छा प्रतीत नहीं होता है और एक के बाद एक गल्तियां होने लगती हैं । ऐसे में आपको एक वक्त में एक ही काम करना चाहिए जिससे आप सन्तुष्ट हों और खुद को पॉजिटिव महसूस करें ।
• अपनी सफलताओं पर नज़र डालें-: जॉब में अच्छा नहीं कर पाने के वजह से कभी कभी आपके आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचती है । कई बार ऐसा होता है कि आप खुद को असमर्थ समझने लगते हैं , जो सच नहीं है । ऐसे समय में आपको अपनी पुरानी व छोटी से छोटी उपलब्धियों को याद करना चाहिए । इन सफलताओं को याद करके ही अपने आत्मसम्मान और विश्वास को फिर से स्थापित किया जा सकता है ।
• काम करें अलग अन्दाज में -: जब भी कोई कार्य थकाने वाला लगे , तो उसे अलग अन्दाज में करें । आप पायेंगे कि उस काम में आपकी रुचि बढ़ रही है ।
• काम बांटने की कोशिश करें -: थकान , अनिन्द्रा और तनाव आपकी एकाग्रता और कार्यकुशलता को प्रभावित कर सकता है । ऐसे समय में आप अन्य दिनों की अपेक्षा कम काम कर पाएंगे। अपने सहयोगियों और मित्रों से मदद मांगे और काम को उनके साथ बांटे ।
• अपने लिए समय निकालें -: हम सभी को अपने शरीर और दिमाग को आराम देना चाहिए तभी हम अच्छा परफॉर्मेंस दे पाएंगे ।
• नकारात्मक सोच से बचें -: जॉब में तनाव के समय निगेटीव बातों को ईगनोर करें । ऐसी बातें करने वालों में आपके बॉस , सहकर्मी , मित्र या घर के सदस्य हो सकते हैं ।
हयुण्डाई रॉटेम कंम्पनी के सिनीयर मैनेजर चन्दन कुमार के अनुसार उनकी दिनचर्या में कुछ खास टिप्स शामिल हैं जिससे `इच डे ग्रेट डे´ बनता है । आज के दौर में क्षमता से अधिक काम के दबाव में भूत और भविष्य को भूलकर मन को सिर्फ आज पर केन्द्रित करना , रुचि के बजाय प्रथमिकता पर ध्यान देना , अपने अच्छे कार्य को खुद सराहना और इंसपायर होना शामिल है।
प्रीतिबाला, सॉफ्टवेयर असोसिएट,आईबीएम, पुणे