सीतापुर। मिश्रिख तहसील प्रशासन ने एक पीडि़ता को उम्मीद की किरण दिखाई है। अपने पति और ससुराल वालों के अत्याचरों से पीडि़त इस महिला को जल्द ही भरण-पोषण की मद से सवा चार लाख रुपये मिलेंगे। इससे पीडि़ता और उसकी तीनों बेटियां की जिंदगी खुशी-खुशी बसर हो सकेगी। तहसील प्रशासन द्वारा पीडि़ता के ससुराल पक्ष से वसूली गई इस धनराशि को 27 मई 2011 को अदालत में जमा कराया गया है।
मालूम हो कि गोन्दलामऊ ब्लॉक के लोहंगपुर गांव निवासी अभय अवस्थी का विवाह 10-12 वर्ष पूर्व हरदोई जनपद की शिवशक्ति के साथ हुआ था। तीन बेटियों के जन्म के बाद से अभय की बीवी से नहीं पटी और वह उसे मायके छोड़ आया। तमाम प्रयासों के बाद भी जब कई वर्षों तक अभय ने शिव शक्ति को विदा नहीं कराया तो शिवशक्ति ने सिविल कोर्ट में अपने पति के खिलाफ पारिवारिक भरणपोषण का वाद दायर किया। जिस पर अदालत ने अभय अवस्थी को आदेश दिया कि वह शिवशक्ति व उसकी बेटियों के भरणपोषण के लिए चार हजार रुपए प्रतिमाह दिया करे। लेकिन अभय अवस्थी पर अदालत के इस आदेश का कोई असर नहीं हुआ।
इसके बाद शिव शक्ति ने एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस बार अदालत ने धनराशि जमा न करने के चलते जिला प्रशासन को आदेश दिया कि वह अभय की संपत्ति कुर्क कर बकाया धनराशि अदा करे। प्रशासन ने अभय की संपत्ति कुर्क किए जाने की तिथि निर्धारित की, लेकिन इससे पहले ही अभय अवस्थी ने 26 मई को एसडीएम मिश्रिख धनंजय शुट्ठला के पास धनराशि जमा करा दी। ससुरालवालों के जुल्म की शिकार महिला को गुजारा भत्ता देने के लिए प्रशासन ने चार लाख 24 हजार रुपए कोर्ट में जमा कराया।
साभार: राजीव गुप्ता, अमर उजाला, सीतापुर, उत्तरप्रदेश