लंदन। दुनिया की तमाम बीमारियों में एक नई और भयानक बीमारी शामिल हो गई है। वह है नोमोफोबिया। यानी मोबाइल फोन खोने का डर। यदि आपको मोबाइल खोने का डर हर वक्त सता रहा है तो आप 'नोमोफोबिया' नामक बीमारी के शिकार हो चुके हैं।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली की महिलाएं बेहद तनावपूर्ण जीवन जी रही हैं। घरेलू हो या कामकाजी, काम की अधिकता के कारण वह चिड़चिड़ी हो रही हैं। पिछले दिनों एसोचेम ने कारपोरेट कर्मचारियों के बीच उनकी सेहत को लेकर सर्वे किया था,उसमें भी मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, चंडीगढ़, हैदराबाद, पूणे व चेन्नई की अपेक्षा दिल्ली की महिलाएं अधिक अनिद्रा की शिकार पाई गई थीं। विशेषज्
नई दिल्ली। मुंबई के कॉलेज की एक युवती दिन में 16 घंटे तक mobile पर बात करती थी। कुछ समय पूर्व उसके इस व्यवहार से आजिज पिता ने एक दिन के लिए उससे mobile ले लिया...
नई दिल्ली। नए साल की पूर्व संध्या पर मस्ती, ड्रिंक और लेट नाइट पार्टी (new year party) की हर ओर धूम होगी। पूरे साल मस्ती के लिए इससे बेहतर कोई समय नहीं होता। शायद यही वजह है कि सबसे अधिक सड़क दुर्घटना, रोड रेज, मारपीट जैसी घटनाएं भी इन दिनों खूब होती है।
वाशिंगटन। अमेरिका की सामाजिक व्यवस्था में विवाह संस्था लगातार कमजोर पड़ती नजर आ रही है। एक नए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि नई पीढ़ी के युवा तलाक के डर से शादी नहीं करना चाहते। टाइम में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी युवाओं को लगता है कि तलाक के बाद सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से बुरा असर पड़ता है।
नई दिल्ली। इन-विट्रो फर्टीलाइजेशन (ivf) या कृत्रिम गर्भाधान को पहले मध्यम आयु की महिलाओं में गर्भधारण संबंधी परेशानियों के निदान के लिए जाना जाता था। अब तनावपूर्ण जीवन, काम के लंबे घंटों और देर से विवाह होने के चलते इस पर निर्भर शहरी युवतियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
ओस से भीगे गुलाब की तरह हर लड़की अपने विशेष दिन पर ताज़गी से भरी और आकर्षक दिखना चाहती है। दुल्हन किसी राजकुमारी से कम नहीं दिखना चाहती है। पुराने ज़माने में शादी की तैयारियां दो-तीन महीने पहले शुरू हो जाती थीं और लड़कियों को घर पर ही तरह-तरह के उबटन आदि लगाए जाते थे ताकि शादी के दिन दुल्हन पूरी तरह निखर जाए।
महिलाएं भले ही पुरुषों की तुलना में अधिक बातें करती हों, लेकिन जब बात इंटरनेट पर प्रोफेशनल नेटवर्किंग करने की हो तो पुरुष बाजी मार जाते हैं। एक नए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि महिलाएं नेटवर्क बढ़ाने से कतराती हैं।
विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षण लाजिमी है लेकिन हर उम्र में इसकी चाहत बदलती रहती है। सेक्स गुरू ट्रेसी कॉक्स ने अपनी बेस्ट सेलिंग किताब सेक्सटेसी में इसके बारे में बताया है कि 20 की उम्र में सेक्स की चाहत सबसे ज्यादा बलवती होती है।
लंदन। क्या आपका बच्चा घंटों इंटरनेट सर्फिंग करते हुए गुजार देता है? सावधान हो जाइए, यह उसे नशीली दवाओं का आदी बनाने के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए उकसाता है।