नई दिल्ली। देव आनंद अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेगी। उनकी जीवनी रोमांसिंग विद लाइफ में उनके और सुरैया की मोहब्बत की दास्तान है। दोनों में प्यार तो हुआ लेकिन हिंदू-मुसलिम की दीवार के कारण दोनों की मोहब्बत को मंजिल नहीं मिल पाई। प्यार को घर वालों की रजा की मुहर नहीं मिली और एक फिल्मी अंदाज में दोनों अलग हो गए।
बॉस शब्द के साथ ही एक रोबीला कडक चेहरा जेहन में उभर जाता है जिसके माथे पर शिकन होती है और जिसके होंठों पर शायद ही कभी मुस्कान तैरती है। लेकिन बदलते वक्त के साथ ही अब इसमें भी बदलाव आ रहा है और बॉस और कर्मचारियों के बीच के संबन्धों में मधुरता आ रही है।
नई दिल्ली। अगर आप अमिताभ बच्चन के प्रशंसक हैं तो आप इस किताब को भी जरूर पसंद करेंगे। फिल्म लेखिका और आलोचक भावना सोमय्या की किताब अमिताभ लैक्सिकॉन उन लोगों के लिए एक बेहतरीन संग्रह साबित होने वाली है जो अमिताभ की फिल्मों से खासे प्रभावित हैं।
नई दिल्ली। 22 जुलाई को गायक मुकेश के जन्मदिन पर विशेष...
मै इन दिनों तसलीमा नसरीन को करीब से जानने की कोशिश कर रही हूं। उनकी जीवनी को जितना पढ़ रही हूं, उनके जीवन को जानने की जिज्ञासा बढ़ती जा रही है। उन्हें पढ़ते हुए सबसे ज्यादा यह बात हैरान कर रही है कि उस दौर में भी उनकी सोच कितनी उन्मुक्त थी। मुसलिम समाज की रुढिवादी सोच से कहीं ऊपर उठकर खुद का एक अस्तित्व तैयार किया। यह सिलसिला एक उम्र के बाद आकर नहीं, बल्कि कही