बाल्यावस्था की सादगी और भोलेपन की दहलीज पार करके जब किशोरियां यौवनावस्था (adolescent age) में प्रवेश करती हैं, यही वय:संधि कहलाती है। इस दौर में परिवर्तनों का भूचाल आता है। शरीर में आकिस्मक आए परिवर्तन न केवल शारीरिक वृद्धि व नारीत्व की नींव रख़ते हैं, वरन मानसिक परिवर्तनों के साथ मन में अपनी पहचान व स्वतंत्रता को लेकर एक अंतद्धर्द्ध भी छेड देते हैं। इन परिवर्तनों
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली केवल अपराधिक के मामले में ही महिलाओं के लिए असुरक्षित नहीं है, बल्कि जानलेवा कैंसर की रफ़्तार भी उन्हें यहां तेजी से जकड रही है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार, अन्य महानगरों की अपेक्षा दिल्ली में महिलाओं को होने वाले cer
नई दिल्ली। खुलकर बातचीत और जानकारी के मामले में सेक्स को लेकर हमेशा से समाज में निषेध रहा है। यही कारण है कि शादी के बाद भी अधिकांश भारतीय पति-पत्नी सेक्स को सिर्फ बच्चा पैदा करने का साधन समझते हुए इस पर किसी भी तरह के बातचीत से परहेज करते हैं। यही कारण है कि सेक्स को लेकर सबसे अधिक अज्ञानता और भ्रांतियां विद्यमान हैं, जिस कारण दंपत्ति यौन रोग
नई दिल्ली। एचआईवी एड्स का पता लगते ही स्त्री पुरुष का सेक्स के प्रति रुझान में गिरावट आ जाता है। वह इस कदर अवसाद से घिर जाते हैं कि सेक्स से उन्हें अरुचि हो जाती है और वह इससे मुंह फेर लेते हैं। एचआईवी एडस की जानकारी मिलते ही महिला और पुरुष दोनों के यौन व्यवहार में गिरावट आती है, लेकिन पुरुष कुछ ज्यादा ही
नाभि ओर से स्त्री के जननांग की ओर बढ़ने पर पहले बृहद भगोष्ठ अर्थात आउटर लिप्स (Labia majora) के मिलने का बिंदु आता है। इस मिलन बिंदु पर एक अंकुर जैसा उभार होता है। इ
पुरुष खासकर युवा अक्सर स्वप्नदोष का शिकार हो जाते हैं। स्वप्नदोष वह अवस्था है, जिसमें सोते-सोते अचानक पुरुष के लिंग से वीर्य निकल आता है। उनके कपड़े गीले हो जाते हैं। बिस्तर तक पर सफेद धब्बे पड जाते हैं और सुबह उठने पर किशोर इसकी वजह से शर्मिंदगी महसूस करते हैं। शायद यही वजह है कि भारतीय समाज ने इसे स्वप्नदोष नाम
किसी स्त्री के भीतरी यौनांग को गर्भाशय से जोड़ने वाला रास्ता योनि (वेजाइना) कहलाता है। यौन रूप से उत्तेजित होते ही किसी लड़की या महिला की योनी में गीलापन आ जाता हैा यही नहीं, उत्तेजित होते ही योनि को लिंग के आकार के अनुरुप होने में मदद मिलती है।, जिससे योनि आसानी से फैल या सिकुड़ सकती है। संभोग के समय योनि का
स्त्रियों के स्तन के निप्पल से जब कभी लाल, गुलाबी या भूरे रंग का स्राव होने लगे तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यह स्तन कैंसर या किसी अन्य तरह के खतरे की निशानी भी हो सकती हैा वैसे महिलाओं के पूरे जीवन में समय-समय पर स्तनों से द्रव्य का रिसाव होता रहता है, जो एक साधारण बात है। गर्भावस्था में लगातार रिसाव हो तो भी डरने की जरूरत नही
किशोरावस्था में जब लड़कियों के स्तन का विकास होता है तो उसके साथ उस पर कुछ बाल भी उग आते हैं। लड़कियां इसे लेकर कई बार असमंजस में पड़ जाती हैं, डर जाती हैं और चिंतातुर हो जाती हैं, लेकिन यह बेहद सामान्य है। लगभग सभी लड़कियों के स्तनों के बीच, निप्पल पर या उसके आस पास बहुत हल्के एक दो बाल उग आते हैं। ये बाल घुंघराले भी हो सकते हैं। ऐसा शरीर में
स्तन अनगिनत कोशिकाओं से मिल कर बना है। स्तन (breast) बनने की शुरुआत मासिक धर्म की शुरुआत के साथ होती है। इसका संबंध एस्ट्रोजेन नामक हारमोन से होता है। स्तन बनने की अवस्था से लेकर माहवारी बंद होने की अवस्था तक स्तन कोशिकाओं में निरंतर बदलाव की प्रक्रिया चलती रहती है।