हैदराबाद। इच्छामृत्यु को लेकर दुनिया भर में चल रही बहस के बीच आंध्र प्रदेश में गरीबी से जूझ रही एक बुजुर्ग महिला ने अपने अपाहिज बेटे के लिए इच्छामृत्यु की मांग की है। उसका कहना है कि हर महीने मिलने वाली मात्र पांच सौ रुपये की पेंशन में वह अपने बेटे के इलाज का खर्चा नहीं उठा सकती।
नई दिल्ली। दिल्ली देश की राजधानी और और दुनिया के आधुनिकतम शहरों में शुमार है, लेकिन यहां भी लडकियों के पैदा होने पर मां-बाप के चेहरे लटक जाते हैं। परिजन का ध्यान बच्चे को जन्म देने वाली मां पर कम, पैदा होने वाले बच्चे के 'लिंग' पर ज्यादा होता है।
काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के दौरान लड़कियों के स्कूल जाने पर प्रतिबंध था। इसका परिणाम दस साल बाद भी सामने आ रहा है। तालिबान के सत्ता से हटाए जाने के दस साल बाद भी अफगानिस्तान में महिला शिक्षिकों की संख्या न के बराबर है। यहां के बामियान प्रांत में करीब चार हजार शिक्षकों में से महज पांच सौ महिला शिक्षिकाएं हैं।
अलीगढ़। एड्स के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसकी जांच के प्रति सरकार बेहद उदासीन है। रेड लाइट एरिया में 58 यौनकर्मी में से तीन माह में सिर्फ तीन की ही जांच हो पाई। नौ वर्ष में hiv aids रोगी 3 से बढ़कर 111 हो गए, लेकिन व्यवस्था एक एनजीओ के सहारे है।
लंदन। भारत की स्थानीय राजनीति में महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व से उनके खिलाफ होने वाले अपराध के दर्ज होने में बेहद बढोतरी हुई है। ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ वॉर्विक के सेंटर फॉर कंपटीटिव एडवांटेज इन ग्लोबल इकोनॉमी (केज), हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के कराए अध्ययन में इसे सकरात्मक बताया गया है।
अहमदाबाद । 21वीं सदी में बदलाव की बयार से अब गांव भी अछूते नहीं रह गए हैं, देश की सत्ता जहां महिलाओं के हाथ में है। मध्य गुजरात की सिस्वा समेत आधा दर्जन पंचायतों की कमान शिक्षित युवा लड़कियों को सौंपने का फैसला कर ग्रामीणों ने पंचायत राज के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी मॉडल वीना मलिक के एक भारतीय मैगजीन को न्यूड फोटोशूट देने पर विवाद खड़ा हो गया है। वीना मलिक ने इस फोटोशूट में खुद पर पाकिस्तान की विवादास्पद जासूस एजेंसी आईएसआई भी गुदवा रखा है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चम्बल अंचल की पहचान बागी तेवरों के कारण पूरी दुनिया में है। डकैतों का ‘साम्राज्य’ भले ही अब इस इलाके से खत्म हो गया हो, मगर यहां के लोगों के बगावती तेवर अब भी बरकरार हैं। इस बार महिलाओं ने बागी तेवर अपनाते हुए बेटियों को बचाने की मुहिम छेड़ दी है।
लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलेन जानसन सरलीफ को पिछले हफ्ते शांति का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के बाद उनकी सुरक्षा में तैनात 125 भारतीय महिला पुलिस अधिकारियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के इस दस्ते को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में लाइबेरिया की राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस अधिकारियों के रूप में तैनात किया गया
लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलेन जोहान्सन सरलीफ, लाइबेरिया में शांति के लिए काम करने वाली कार्यकर्ता लिमेह जिबोई और यमन की तवाक्कुल कारमैन को महिला अधिकारों पर उनके काम के लिए वर्ष 2011 के नोबल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई।