नई दिल्ली। टीम इण्डिया के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद से हर मां-बाप के सपने में अपने बच्चे धोनी की तरह छक्का मारते दिख रहे हैं। अभिभावक अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने घर में धोनी, सचिन और युवराज गढ़ने में जुट गए हैं। कम समय में नाम और शोहरत के इस फटाफट करियर को लेकर स्कूलों ने भी क्रिकेट की कोचिंग देनी शुरू कर दी है। मनोचिकित्सक बच्चे और मां-बाप
रोजगार में सफलता और करियर की उड़ान महिलाओं के स्त्रीत्व में छिपा है। कामकाजी महिलाओं को यह जानकर आश्चर्य होगा कि उनकी सफलता पुरुष के समान होने में नहीं, बल्कि उनके खुद के नारी सुलभ स्वभाव में छिपी है।
भारतीय महिलाओं की महत्वाकांक्षा आसमान छू रही हैं। उनकी महत्वाकांक्षा के सामने अमेरिकी महिलाएं कहीं नहीं ठहरती। द बैटल ऑफ फिमेल टैलेंट इन इण्डिया नामक रिपोर्ट दर्शाती है कि 80 फीसदी भारतीय महिलाएं अपने लक्ष्य को पाने के लिए किसी भी हद से गुजर सकती हैं। इसके मुकाबले अमेरिका की केवल 52 फीसदी महिलाओं का कहना था कि वह अपने लक्ष्य को लेकर पजेसिव हैं। इस रिपोर्ट क
आगरा की रहने वाली एक युवा प्रोफेशनल गुंजन की अकादमिक शिक्षा काफी अच्छी रही, परन्तु दिल्ली व मुम्बई जैसे बड़े शहरों का एक्सपोसर न होने के कारण एक अच्छी नौकरी का उसे हमेशा से ही मलाल रहा। मेट्रो शहरों में नौकरी के लिए यदि कोई बेहतरीन साधन न हो तो इधर उधर भटकने पर भी कुछ खास हाथ नहीं लगता। हां, इंटरनेट का शौक गुंजन को हमेशा से था, और इसी के बलबूते सोशल नेटवर्किंग साइ
नई दिल्ली। वर्तिका एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है । अक्सर उसे नाइट शिफ़्ट करनी पड़ती है । कुछ समय पहले जॉब ज्वान करते वक्त जब उसने नाइट शिफ़्ट के बारे में पेरेंट्स को बताई तो वो एकदम से बिफर गए । उसके पेरेंट्स ये बात कतई मानने को तैयार नहीं थे कि वो नाइट शिफ़्ट करे लेकिन उसने अपने परेंट्स समझा कर जॉब ज्वाइन कर लिया । आज वो आस
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से पढ़ाई करने वाले सेक्स वर्कर्स और उनके आश्रितों को अब कोर्स फीस नहीं देनी होगी। इग्नू ने सेक्स वर्कर्स समुदाय की भलाई के लिए उनकी कोर्स फीस माफ करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इग्नू इस तरह का कदम उठाने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
घरेलू महिलाओं के लिए खुशखबरी। अब घरेलू महिलाएं भी कामकाजी महिलाओं की तरह स्वावलंबी बन सकेंगी। गृहणियों को करियर बनाने की राह पर चलाने की यह पहल की है 'नवज्योति इण्डिया फाउण्डेशन' ने हाल ही में केन्द्रीय महिला एवं बाल कल्याण राज्य मन्त्री कृष्णा तीरथ और नवज्योति इंडिया फाउण्डेशन की महासचिव व पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की उपस्