लखनऊ। कुदरत की व्यवस्था तो तय थी कि काम करने के लिए दिन और आराम के लिए रात...। लेकिन, महानगरीय जीवनशैली की चुनौतियों और भौतिक संसाधनों की चाहत ने प्रकृति के नियम को उलट दिया। नौकरी नाइट शिफ्ट की है तो दिन में सोना और रात में काम करना मजबूरी है।
नई दिल्ली। आम धारणा है कि कामकाजी मां बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पातीं और उनकी सही देखभाल नहीं हो पाती। हालांकि समाजशास्ति्रयों की राय इससे कुछ जुदा है। उनका मानना है कि आज के दौर में मां का कामकाजी होना बच्चों की बेहतर परवरिश और अच्छी शिक्षा में मददगार साबित होता है।
एक कौवे को मांस का एक टुकड़ा कहीं से मिल गया. अपनी चौंच से पकड़े हुए वह एक पेड़ की ओर उड़ चला और पेड़ की डाली पर बैठ गया. एक लौमड़ी ने जैसे ही कौवे की चौंच में मांस का टुकड़ा देखा, उसकी लालसा उसे पाने की हुई. लौमड़ी ने सिर उठा कर कौवे की तरफ देखा और कहा ' "मित्र, तुम कितने सुंदर हो. तुम्हारे पंख कितने अदभुत और सुंदर हैं.
एक राजा और एक सेठ में बड़ी गहरी दोस्ती थी। इसलिए वे रोज एक-दूसरे से मिले बिना नहीं रह पाते थे। सेठ उसी शहर में चंदन की लकड़ी का व्यापार करता था। एक दिन उसके मुनीम ने कहा, ‘लकड़ी की बिक्री कम हो गई है, कुछ बिक्री बढ़ाने का उपाय करो।’ सेठ ने पहले सोचा, फिर उसके मन में विचार कौंधा कि यदि राजा की मृत्यु हो जाए, तो मंत्री लकड़ियां उसी से खरीदेंगे, फिर उसे
रात में सोने की पोजीशन कहीं न कहीं आपके व्यक्तित्व से जुड़ी है। वैसे विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी स्त्री या पुरूष रात भर एक ही पोजीशन में सोते हैं। केवल 5 फीसदी लोग ही सोते समय रात भर अपनी पोजीशन बदलते रहते हैं। अध्ययन के अनुसार छह सामान्य पोजीशन ऐसा है जो किसी भी स्त्री या पुरूष के व्यक्तित्व को दर्शाते हैं।
आकांक्षा ने डीयू में बीए में दाखिला लिया है और वह आगे आईएएस बनना चाहती है जबकि उसके मम्मी-पापा चाहते थे कि वह मेडकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बने । अपने पेरेंट्स की जिद पर आकांक्षा ने बारहवीं में साइंस की पढ़ाई कर ली थी लेकिन अब उसने फैसला किया है कि अपनी मर्जी का करिअर चुनना है ।
लंदन। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के समाजशास्त्रियों का मानना है कि महिलाओं के लिए बड़ी नौकरी व परिवार की देखभाल एक साथ सम्भव नहीं है। समाजशास्त्री डॉ.
अंग्रेजी में में एक कहावत है ``ड्रेस बैडली एण्ड दे रिमेमबर द क्लोथस, ड्रेस वेल एण्ड दे रिमेमबर द परसन' जिसका अर्थ यह है कि अच्छे पहनावे से इंसान की पहचान बनती है। हम सभी अच्छे पहनावे के बारे में जानते है पर क्या हमें पावर ड्रेसिंग का ज्ञान है? आखिर पावर ड्रेसिंग होता क्या है?
यदि आप कहीं रोजगार तलाश रहे हैं तो आपमें `रोजगारी योग्यताएं' होना काफी लाभ दायक होता है। यह एक ऐसा विषय है जिस पर वर्षों से चर्चा होती आ रही है। ये गैर-तकनीकी योग्यताएं किसी भी व्यक्ति के लिए उसके कार्यलय में प्रभावी और सफल योगदान हेतु सहायक होती हैं। नास्कॉम द्वारा किए गए एक ताजा सर्वेक्षण के अनुसार मात्र 10 प्रतिशत स्नातक ही नौकरी योग्य होते हैं। यदि इंजी
व्यक्ति जब अपने जॉब की शुरुआत करता है तो वह कामयाबी के सपने देखता है। सपनों के उड़ान के सुहाने सफर और कामयाबी के पीछे सबसे मुख्य भूमिका है आपकी बेस्ट परफॉर्मेंस का। जॉब के शुरुआती दिनों में आप अपना बेस्ट करके दिखाते हैं जिसके कारण आपको सहयोगियों और सिनियर्स से प्रशंसा मिलती है । परन्तु कुछ समय बाद जब आप अपने कार्यक्षेत्र