महिलाएं बेहद खतरनाक बॉस साबित हो रही हैं। ब्रिटिश में हुए एक अध्ययन के मुताबिक महिला बॉस (women bosses) हर काम में पूर्णता चाहती हैं और छोटी छोटी बातों पर भी बहुत ध्यान देती हैं। कार्यस्थल पर महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की बढती संख्या के साथ उनके सहकर्मियों व कर्मचारियों के लिए मुकिश्लें खडी होने लगी हैं।
फैशन ने आज ग्लोबल स्तर पर लोगों के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। फैशन और स्टाइल की आज जितनी भी परिभाषांए मौजूद हैं,वे सब आज की पीढ़ी को रहन-सहन और पहनने-ओढने के नए-नए ज्ञान देती नज़र आती हैं। यहां अगर हम बदलते परिधानो की बात करें, तो पहनावे में चार चान्द लगाने वाले आर्कषक आभूषणों की चर्चा करना भी आवश्यक हो जाता है। किसी शादी में जाने का प्रोग्राम हो या किसी पार्टी
विदेशी भाषा के बलबूते पर भी आप अपने करियर को अलग मोड़ दे सकते हैं । विदेशी भाषा सीखने का चलन आजकल जोरों पर हैं और बात अगर इसको सीखकर भविष्य की करें तो एमएनसी कम्पनी से लेकर एम्बेसी, अनुवादक, होटल, लैंग्वेज एक्सपर्ट आदि के रूप में कार्यरत हो सकते हैं।
करियर के लिहाज से बीटक या एमबीए के अलावा कुछ नए विकल्पों की तलाश में हैं तो हॉस्पिटेलिटी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, कम्पीटीटिव इण्टेलिजेंस, डेवलपमेण्ट, फाइनेंस, इण्टरनेशनल टूरिज्म, फैशन मीडिया कम्युनिकेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज को बतौर करियर के रूप में चुन सकते हैं । इन नए कोर्स में दाखिला लेकर आप अपने लिए नई राहें चुन सकते हैं ।
फैशन के इस दौर में हर कोई अपटूडेट और सुन्दर दिखना चाहता है। आन्तरिक सुन्दरता के अलावा बाहरी खूबसूरती भी बहुत मायने रखती है, खासतौर से लड़कियां और महिलाएं अपनी बाहरी सुन्दरता और व्यक्तित्व को लेकर बेहद सजग रहती है। यही वजह है कि बाहरी सुंन्दरता प्रदान करने वाली कॉस्मेटोलॉजी अब युवाओं के लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प के रूप में उभर रही है।
नई दिल्ली। आज जोर पकड़ते कॉर्पोरेट कल्चर में वाइन हर पार्टी और समारोह की रौनक मानी जाने लगी है। दुनियाभर में वाइन का प्रचलन काफी पुराना है। 16 वीं शताब्दी से ही स्पेन, फ्रांस, लन्दन जैसे देशों में वाइन इतनी प्रचलित हो गई है कि इसे बनाने के लिए एक खास किस्म की खेती पर जोर दिया जाने लगा। रोम के साम्राज्य में तो वाइन को `भगवान का अमृत' की उपाधि भी दी गई। राजा मह
इंश्योरेंस का मतलब है, जीवन या किसी अन्य चीज को पैदा खतरे के प्रति सुरक्षा हासिल करना। इसके लिए इंश्योरेंस कराने वाले और देने वाले के बीच एक फाइनैंशल एग्रीमेंट किया जाता है, जिसे पॉलिसी कहते है। इश्योरेंस का क्षेत्र पहले सिर्फ नैशनलाइज्ड था, जिसके अन्तर्गत सिर्फ दो कंपनियां, लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन ऑफ इण्डिया और जनरल इंश्योरेंस कंपनी अपने इंश्योरेंस प्रोडक्ट बे
भारतीय बाजार में खरीददारी के लिए मॉल्स व स्टोर का जाल बिछता जा रहा है । इसमें सेल्स मैनेजर व सेल्सअसिस्टेंट की रोज जरूरत पड़ रही है । डीयू के कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग ने ऐसे लोगों के लिए दो साल पहले कनफेडरेशन ऑफ इण्डियन इण्डस्ट्री् की मदद से रिटेल मैनेजमेंट का कोर्स शुरु किया था जिसमें दाखिले के लिए हर वर्ष छात्र-छात्राओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। स्नातक के बाद
एकाउंटेंसी, ऑडिटिंग, कराधान जांच और कंसलटेंसी जैसे कुछ विशेष विभाग हैं जो आपको आमतौर पर हर कार्यालय में देखने को मिल जाएगें। सरकारी हो या प्राइवेट, इस विभागों में काम करने वाले लोगों के रूतबे से हर कोई वाकिफ है। अब जब स्टेट्स भी अच्छा और वेतन भी तो छात्र इस क्षेत्र में जाने से कतराते क्यों हैं?
साउथ एक्स की अनुपमा आजकल सबको बड़ी शान से बताती हैं कि उनकी होने वाली बहू डेंटल असिस्टेंट है। लाखों रुपए सालाना वेतन और मॉर्डन लाइफस्टाइल। हाल ही में यू.एस डिपार्टमेंट ऑफ लैबर के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटटिक्स ने भी डेंटल असिस्टेंट को बेहतर कैरियर ऑप्शन माना है । मेडिकल जगत में काफी तेजी से उभरे इस क्षेत्र ने कई युवाओं को प्रभावित किया है।