नई दिल्ली: लेनदेन और हिसाब-किताब के मामले में महिलाओं को पुरुषों से कमतर मानने की धारणा को एक अध्ययन ने झूठा साबित कर दिया है। यह अध्ययन ऑनलाइन आयकर रिटर्न पोर्टल टैक्स स्पैनर ने किया है। इसके मुताबिक, महिलाएं पुरुषों की तुलना में कहीं बेहतर टैक्स प्लानर (tax planner) होती हैं। घर की तिजोरी संभालने में उन्हें पुरुषों से ज्यादा महारथ हासिल है। इतना ही नहीं, महिलाए
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही हैा पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस, केरोसिन के दाम सरकार ने बढ़ा दिए हैं। इनका प्रत्यक्ष प्रभाव तो घरों के बजट पर पड़ ही रहा है, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से सब्जी, दूध, खाने-पीने की चीजें सभी कुछ का दाम बढ़ चुका हैा गृहणियों के घर चलाना मुश्किल हो रहा है। निश्चित आमदनी में सारे खर्चे निपटाना मुश्किल तो है लेकिन नामुमकिन नहीं। बात
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा 28 फरवरी 2011 को पेश आम बजट ने महिलाओं को बेहद निराश किया है। उन्हें आयकर में किसी तरह की छूट नहीं मिली है। महिलाओं के लिए आयकर की सीमा पहले भी 1.90 लाख थी और अभी भी इतनी ही है। आयकर में छूट न देखकर कामकाजी महिलाएं तो हताश हुई ही हैं, पुरुषों के आयकर की सीमा में मामूली छूट से घरेलू महिलाओं को भी निराशा हाथ लगी है। उस पर
महानगरी जीवन शैली के बीच इन दिनों सबसे ज्यादा परेशानी हमारे बुजूर्गों को हो रही है। पूरी जिंदगी की गाढ़ी कमाई बच्चों में लगा दिया। अपने लिए कुछ बचाया नहीं। अब बच्चे बड़े हुए तो साथ छोड़ दिया। ये घर-घर की कहानी है। ऐसे में बुढ़ाने में अगर तय रकम हर महीने मिलती रहे तो जिंदगी थोड़ी आसान हो जाती है। लेकिन जब तक इसका एहसास होता है, काफी देर हो चुकी होती है। इसलिए ये बेहद ज
इन दिनों बैंकों के अलावा कई कंपनियां भी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम लेकर आ
रही हैं। इन पर काफी अच्छा रिटर्न भी आपको ऑफर किया जाता है। लेकिन इसमें
पैसा लगाने से पहले आपको कई पहलुओं पर गौर करना जरूरी है। मसलन ये
कंपनियां यानी नॉन बैंकिंग फाइनांस कंपनियों का फिक्स्ड डिपॉजिट बैंकों
निवेश के मकसद से जब भी आप पैसे लगाते हैं तो सबसे पहला सवाल यही उठता है कि हमारा पैसा कितना सुरक्षित रहेगा। और इस लिहाज से निवेश का सबसे भरोसेमंद साधन है, सोना। और खासकर महिलाओं के लिए तो सोना और अहम हो जाता है। आखिर सोना रखना महिलाओं के लिए शान की बात भी होती है।
इनकम टैक्स नियमों में कई ऐसे नियम हैं जो महिलाओं के लिए काफी काम के
होते हैं और उनकी मदद से महिलाएं काफी टैक्स बचा सकती हैं।