नई दिल्ली। वेलेंटाइन डे पर नासिक का देसी गुलाब चॉकलेट और टेडी बीयर पर भारी पड गया है। आशिक प्यार का इजहार नासिक के असली देसी गुलाब से करेंगे। इस खुशबूदार सुर्ख लाल गुलाब की रिकॉर्ड तोड़ मांग को देख़ते हुए गुलाब ब्लैक में बिक रहा है। कुछ दिन पहले 10 रुपए में बिक रहा गुलाब फिलहाल 100
लव मैरिज में तो प्यार करने वाले कपल आपसी समझ, प्यार व विश्वास के आधार पर घर बसाने का निर्णय लेते हैं, लेकिन अरेंज मैरिज में लड़का-लड़की से महत्वपूर्ण हो जाते हैं उनके अभिभावक, दोस्त या रिश्तेदार। पुराने जमाने में और आज भी पैरेंटस अपने बच्चों के लिए जीवनसाथी की तलाश करते थे। इसमें नाई, पंडित या किसी बिचौलिए की मुख्य भूमिका ह
दोस्त तुम यादों में हो ,वादों में हो , संवादों में हो
गीतों में हो , ग़ज़लों में हो , ख़्वाबों में हो ,
चुप्पी में हो, खामोशी में हो , तन्हाई में हो ,
महफिल में हो, कहकहो में हो और बेवफाई में भी हो
तुम उन चिठ्ठियों में हो जो तुम्हें दे न सका ,
तुम उस टीस में भी हो जो तुम देते रहे
दीपिका शर्मा, नई दिल्ली। स्कूल से लेकर कॉलेज तक और गली-मोहल्ले से लेकर ऑफिस तक आप तमाम दोस्त बनाते हैं। दोस्तों में से कुछ ऐसे भी होते हैं जिनसे जिंदगी भर आप सम्पर्क में रहते हैं, उनके साथ हर जरूरत में खड़े होते हैं और जीवन के तमाम अवसरों में उन्हें याद करते हैं। दोस्ती से ज
ब्रिटेन में हुए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि पुरुषों की तुलना में युवतियाँ अधिक लोगों से शारीरिक संबंध बनाती हैं। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के बाद कहा है कि इस मामले में महिलाएँ पुरुषों की तुलना में अधिक स्वच्छंद होती हैं और औसतन 21 साल आयु की युवतियाँ नौ पुरुषों से संबंध रखती हैं, वहीं युवक केवल सात महिलाओं से।
दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में भले ही लड़का-लड़की एक-दूसरे को बाहों में भरे, सार्वजनिक स्थलों पर प्रेम का इजहार करते दिख जाएं, लेकिन अधिकांश भारतीय परिवार आज भी अपनी बेटी के ब्वॉयफ्रेंड होने की बात को पचा नहीं पा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने छह राज्यों में 51 हजार लोगों पर एक सर्वे किया, जिसमें यह पता चला कि आज भी अभिभावक
नई दिल्ली। ब्वॉय फ्रेंड-गर्ल फ्रेंड एक-दूसरे के जींस की पिछली पॉकेट में हाथ डालकर चलने के रोमांच से खुद को नहीं रोक पाते। अक्सर एक-दसरे की पॉकेट में मौजूद हाथों की छेड़छाड़ सार्वजनिक स्थलों पर अश्लीलता का रूप ले लेती है, लेकिन दोस्ती के रोमांस में यह आम है। संस्कृति के पारंपरिक रूप में जो अश्लील है, आधुनिक रूप में वही फैशन और स्टेटस सिंबल बन चुका ह
एक समय वह था कि जब युवा वर्ग के लोग अपने विवाह या प्रेम को अधिक महत्व देते थे, लेकिन आज की युवा पीढ़ी इनके स्थान पर अपने कैरियर को अधिक महत्व देने लगी है। इन युवाओं का कहना है कि वर्तमान समय प्रतियोगिता का समय है और इसमें वही युवा सफल हो सकता है जो अपनी समस्त शक्ति एवं क्षमता को एकत्रित कर अप